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हमने डॉक्टरों की मांगें मान ली हैं, वे काम पर लौट आएं: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में जारी डॉक्टरों की हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की...
हमने डॉक्टरों की मांगें मान ली हैं, वे काम पर लौट आएं: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में जारी डॉक्टरों की हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उनसे काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है कि सरकार ने हड़ताली डॉक्टरों की सभी मांगें मान ली हैं। वे काम पर लौटे आएं। हजारों लोग इलाज का इंतजार कर रहे हैं। ममता बनर्जी के मुताबिक, उन्होंने अपने मंत्रियों और प्रिंसिपल सेक्रेटरी को शुक्रवार को और आज हड़ताली डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए भेजा था। उन्होंने 5 घंटे इंतजार किया लेकिन वे नहीं आए। डॉक्टरों को संवैधानिक संस्था को सम्मान देना होगा।

ममता बनर्जी ने डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। राज्य सरकार जल्द से जल्द सामान्य चिकित्सा सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने लगातार एक समाधान तक पहुंचने की कोशिश की थी।

मैं कोई कठोर कार्रवाई नहीं करूंगी

उन्होंने कहा कि मैं राज्य में ESMA एक्ट नहीं लगाना चाहती। हमने एक शख्स को भी गिरफ्तार नहीं किया। हम कोई पुलिस एक्शन नहीं लेंगे। स्वास्थ्य सेवाएं इस तरह जारी नहीं रह सकतीं। मैं कोई कठोर कार्रवाई नहीं करूंगी। समझदारी से काम लें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस कमिश्नर, जूनियर स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, स्वास्थ्य सचिव मौजूद रहे। साथ ही इस प्रेसवार्ता में कोलकाता के पांच वरिष्ठ डॉक्टर भी उपस्थित रहे।

हर्षवर्धन ने लिखा सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र

केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य राज्यों में डॉक्टरों के द्वारा हो रहे आंदोलन के बीच सभी प्रदेशों सहित केंद्र शासित राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि डॉक्टरों पर किसी तरह का हमला करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

डॉक्टरों से मारपीट के मामले के बाद सूबे में चल रही चिकित्सकों की हड़ताल को लेकर केंद्र ने राज्य सरकार को एडवायजरी जारी की है। इस एडवायजरी में मामले को लेकर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है। यही नहीं गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार से 2016 से 2019 के बीच हुई राजनीतिक हिंसा को लेकर भी रिपोर्ट मांगी है। केंद्र ने ममता सरकार से पूछा है कि आखिर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म कराने और राजनीतिक हिंसा पर लगाम कसने के लिए उन्होंने अब तक क्या किया।

सीएम के सामने रखीं छह शर्ते

इससे पहले हड़ताली डॉक्टरों को चेतावनी देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर डॉक्टरों को मनाने की कोशिश की थी, मगर वे हड़ताल पर अडिग हैं। उन्होंने हड़ताल खत्म करने के लिए ममता बनर्जी के सामने माफी मांगने समेत छह शर्तें रखीं। इनमें ममता का एनआरएस अस्पताल आकर उनसे मिलना, हमले में जख्मी डॉक्टर परिबाह मुखर्जी को देखने जाना, एसएसकेएम अस्पताल में दिए गए बयान को वापस लेना एवं अस्पतालों में डॉक्टरोंकी पर्याप्त सुरक्षा का लिखित रूप से आश्वासन देना प्रमुख हैं। इसबीच राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मसले पर विचार-विमर्श करने के लिए शुक्रवार देर शाम राजभवन बुलाया।

क्या है पूरा मामला

10 जून को पश्चिम बंगाल में कोलकाता के नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। मौत से गुस्साए परिजन ने डॉक्टरों को अपशब्द कहे थे। जिसके बाद डॉक्टरों ने माफी मांगने को कहा था लेकिन बाद में मामला गर्मा गया और कुछ ही देर में भीड़ ने अस्पताल पर हथियारों सहित हमला कर दिया। इस हमले में दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे और कई अन्य डॉक्टरों को भी चोट आई थी, जिसके बाद जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।

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