Home राजनीति सामान्य आचार संहिता उल्लंघन को लेकर प्रज्ञा ठाकुर पर एफआईआर दर्ज, चुनाव आयोग ने दिया था निर्देश

आचार संहिता उल्लंघन को लेकर प्रज्ञा ठाकुर पर एफआईआर दर्ज, चुनाव आयोग ने दिया था निर्देश

आउटलुक टीम - APR 22 , 2019
आचार संहिता उल्लंघन को लेकर प्रज्ञा ठाकुर पर एफआईआर दर्ज, चुनाव आयोग ने दिया था निर्देश
आचार संहिता उल्लंघन को लेकर प्रज्ञा ठाकुर पर एफआईआर दर्ज, चुनाव आयोग ने दिया था निर्देश
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आउटलुक टीम

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन को लेकर एफआईआर दर्ज हो गई है। चुनाव आयोग ने उन पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए थे। यह आदेश भोपाल के जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिया। बाबरी मस्जिद पर दिए गए उनके बयान के मामले में चुनाव आयोग ने उनके जवाब को अस्वीकार कर दिया है। इस पर जवाब देते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि यह कानूनी मसला है और मेरी लीगल टीम इसे देख रही है।

वहीं, भोपाल के एसडीएम संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा, प्रज्ञा ठाकुर को बाबरी मस्जिद पर दिए गए बयान पर चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा था, जिसका संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसलिए उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।

क्या कहा था प्रज्ञा ठाकुर ने

साध्वी प्रज्ञा ने शनिवार को कैंपेन के दौरान एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि 'राम मंदिर निश्चित रूप से बनाया जाएगा। यह एक भव्य मंदिर होगा।' यह पूछे जाने पर कि क्या वह राम मंदिर बनाने के लिए समयसीमा बता सकती हैं, तो प्रज्ञा ने कहा, 'हम मंदिर का निर्माण करेंगे। आखिरकार, हम ढांचा (बाबरी मस्जिद) को ध्वस्त करने के लिए भी तो गए थे।'

साध्वी प्रज्ञा के इस बयान का चुनाव आयोग ने भी तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्हें चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस थमा दिया और मामले में उन्होंने इस पर जवाब देने का आदेश भी दे दिया था। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश उलेमा बोर्ड ने इस मामले में चुनाव आयोग में साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ शिकायत की है और मांग की है कि साध्वी प्रज्ञा का चुनाव निरस्त किया जाए।

शहीद हेमंत करकरे पर दिया था विवादित बयान

इससे पहले मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे को लेकर प्रज्ञा ठाकुर ने विवादित टिप्पणी की थी, जिसे उन्होंने वापस ले लिया था। इस पर भी चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर 24 घंटे में जवाब मांगा था। प्रज्ञा ने नोटिस के जवाब में कहा, 'मैंने अपने बयान में किसी शहीद की शहादत को लेकर कोई आपत्तिजनक बात नहीं कही है। मेरे बयान की एक लाइन को नहीं देखना चाहिए बल्कि मेरा पूरा बयान देखिए। मैंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा मुझे जो यातनाएं दी गईं, उनका जिक्र किया था।'

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