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ईवीएम हैकिंग के दावे को चुनाव आयोग ने किया खारिज, कानूनी कार्रवाई पर विचार

आउटलुक टीम - JAN 21 , 2019
ईवीएम हैकिंग के दावे को चुनाव आयोग ने किया खारिज, कानूनी कार्रवाई पर विचार
लंदन में हैकथॉन में किया गया दावा
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आउटलुक टीम

एक अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ गड़बड़ी की गई थी। पीटीआई के मुताबिक, लंदन में चल रही हैकथॉन में इस साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हैक करने के बारे में जानकारी रखते थे। ऐसा दावा करने वाले शख्स का नाम सैयद सूजा है। उसने यह भी दावा किया है कि मुंडे की 'हत्या' हुई थी। साथ ही उसने दावा किया कि मुंडे मामले की जांच करने वाले एनआईए अफसर तंजील अहमद की भी हत्या हुई थी क्योंकि वह एफआईआर दर्ज करने वाले थे कि मुंडे की मौत सड़क दुर्घटना में नहीं हुई है। भी दावा किया गया है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी धांधली हुई थी। 

लंदन हैकथॉन में एक्सपर्ट बता रहे हैं कि ईवीएम कैसे हैक की जा सकती है। इंडियन जर्नलिस्ट असोसिएशन (यूरोप) की तरफ से लंदन में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के सीनियर नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। बता दें कि चुनाव आयोग हमेशा इस बात का दावा करता रहा है कि भारत में इस्तेमाल किए जाने वाले ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

एक्सपर्ट ने किए कई और दावे

एक्सपर्ट ने दावा किया कि इस मशीन को ब्लूटूथ की मदद से हैक नहीं किया जा सकता है। ग्रेफाइट आधारित ट्रांसमीटर की मदद से ही ईवीएम को खोला जा सकता है। इन ट्रांसमीटरों का इस्तेमाल 2014 के चुनाव में भी किया गया था। एक्सपर्ट का दावा है कि कोई व्यक्ति ईवीएम के डेटा को मैन्युपुलेट करने के लिए लगातार पिंग कर रहा था। 2014 में बीजेपी के कई नेताओं को इस बारे में जानकारी थी। उसने दावा किया कि जब उन्होंने एक अन्य बीजेपी नेता तक यह बात पहुंचाई तो उनके साथ काम करने वाले व्यक्ति की हत्या करवा दी गई।

'रिलायंस कम्युनिकेशन करती है बीजेपी की मदद'

एक्सपर्ट का दावा है कि ईवीएम हैक करने में रिलायंस कम्युनिकेशन बीजेपी की मदद करती है। एक्सपर्ट का कहना है कि उन्होंने दिल्ली के चुनाव में इस ट्रांसमिशन को रुकवा दिया था इसलिए बीजेपी यह चुनाव हार गई थी। दिल्ली के चुनाव में बीजेपी की आईटी सेल द्वारा किया गया ट्रांसमिशन पकड़ में आ गया था। एक्सपर्ट ने कहा, 'हमने ट्रांसमिशन को आम आदमी पार्टी के पक्ष में कर दिया था। वास्तविक नतीजे 2009 के जैसे ही थे।'

एक्सपर्ट का दावा है कि उन्होंने (बीजेपी) कम फ्रिक्वेंसी वाले ट्रांसमिशन को भी इंटरसेप्ट करने की कोशिश की थी। बीजेपी को जब ईवीएम को लेकर चुनौती दी गई तो उन्होंने ऐसी मशीन का इस्तेमाल किया, जिसे हम भी हैक नहीं कर सकते हैं।

'आम आदमी पार्टी ने भी किया था संपर्क'

एक्सपर्ट ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी ने उनसे संपर्क किया। उनका दावा है कि आम आदमी पार्टी चाहती थी कि वो दुनिया को ईवीएम हैकिंग का डेमो दें। उसने कहा है कि वो अमेरिकी में पॉलिटिकल असाइलम लिया है और उनके पास वो दस्तावेज मौजूद हैं जो उन्होंने अमेरिका को पॉलिटिकल असाइलम के लिए दिया था। 

साथ ही एक्सपर्ट ने दावा किया कि भाजपा के अलावा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा भी ईवीएम में गड़बड़ी में शामिल हैं। 

चुनाव आयोग ने कहा- हैकिंग संभव नहीं

भारत के निर्वाचन आयोग ने कहा है कि चुनावों में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम हैकप्रूफ है। उन्होंने कहा है कि लंदन में हैकथॉन आयोजित करवाकर आयोग की छवि भूमिल करने की कोशिश की गई है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए राय ली जा रही है। आयोग ने फिर से दोहराया है कि भारत की ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है।

संभावित हार की वजह से कांग्रेस कर रही हॉरर शो: भाजपा

इस पर भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव में हार के डर से ये सब कर रही है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘कांग्रेस के पास कई ऐसे लोग हैं जो पाकिस्तान से सहायता लेतें हैं ताकि मोदी जी को हटाया जा सके। वे लोग आगामी चुनाव में अपनी संभावित हार के डर से हैकिंग का हॉरर शो बना रहे हैं।‘

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