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दैनिक भास्कर पर छापे के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष, कहा- ऐसी सरकार का पतन निश्चित

आउटलुक टीम - JUL 22 , 2021
दैनिक भास्कर पर छापे के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष, कहा- ऐसी सरकार का पतन निश्चित
दैनिक भास्कर पर छापे को लेकर केंद्र के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष, कहा- ऐसी सरकार का पतन निश्चित
आउटलुक टीम

मीडिया समूह दैनिक भास्कर के विभिन्न शहरों में स्थित कार्यालयों पर गुरुवार को आयकर विभाग ने छापा मारा। यह छापेमारी कथित कर चोरी को लेकर की गई है। ये छापेमारी भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद और कुछ अन्य स्थानों पर की जा रही है। इन छापों को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ एकजुट हो गया है। पहले राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया और फिर ट्वीट कर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है कि भास्कर के साथ-साथ अब भारत समाचार चैनल के मुख्य एडिटर व वरिष्ठ पत्रकार, ब्रिजेश मिश्रा के घर पर भी इनकम टैक्स रेड हो रही है। जब सरकार कलम और कैमरा से इतनी डर जाए तो ऐसी सरकार का पतन निश्चित है।

वहीं, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने ट्वीट कह कहा, "पत्रकारों और मीडिया घरानों पर हमला लोकतंत्र को कुचलने का एक और क्रूर प्रयास है। दैनिक भास्कर ने बहादुरी से बताया किस तरह से नरेंद्र मोदी जी ने पूरे कोविड संकट को गलत तरीके से संभाला और एक भयंकर महामारी के बीच देश को उसके सबसे भयावह दिनों में ले गए। मैं इस प्रतिशोधी कृत्य की कड़ी निंदा करती हूं जिसका उद्देश्य सत्य को सामने लाने वाली आवाजों को दबाना है।"

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, "पत्रकारिता पर मोदी शाह का प्रहार!! मोदी शाह का एक मात्र हथियार आईटी ईडी सीबीआई। मुझे विश्वास है अग्रवाल बंधु डरेंगे नहीं। दैनिक भास्कर के विभिन्न ठिकानों पर आयकर जांच शाखा की छापामार कार्रवाई शुरू। प्रेस कॉन्प्लेक्स सहित आधा दर्जन स्थानों पर मौजूद है आयकर की टीम।"

वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भास्कर और भारत समाचार न्यूज चैनल के कार्यालयों पर आयकर विभाग के छापों की आलोचना करते हुए इसे केंद्र सरकार द्वारा मीडिया को दबाने का प्रयास बताया। गहलोत ने ट्वीट किया, "दैनिक भास्कर अखबार और भारत समाचार न्यूज चैनल के कार्यालयों पर इनकम टैक्स का छापा मीडिया को दबाने का एक प्रयास है। मोदी सरकार अपनी रत्तीभर आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर सकती है। यह बीजेपी की फासीवादी मानसिकता है जो लोकतंत्र में सच्चाई का आइना देखना भी पसंद नहीं करती। ऐसी कार्रवाई कर मोदी सरकार मीडिया को दबाकर संदेश देना चाहती है कि यदि गोदी मीडिया नहीं बनेंगे तो आवाज कुचल दी जाएगी।"

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