Home राजनीति विश्लेषण इन हाई प्रोफाइल सीटों पर अभी तक भाजपा-कांग्रेस के चेहरे तय नहीं, फंसा पेंच

इन हाई प्रोफाइल सीटों पर अभी तक भाजपा-कांग्रेस के चेहरे तय नहीं, फंसा पेंच

आउटलुक टीम - APR 14 , 2019
इन हाई प्रोफाइल सीटों पर अभी तक भाजपा-कांग्रेस के चेहरे तय नहीं, फंसा पेंच
इन हाई प्रोफाइल सीटों पर अभी तक भाजपा-कांग्रेस के चेहरे तय नहीं, फंसा पेंच
आउटलुक टीम

लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है। लेकिन अभी तक कांग्रेस और भाजपा जैसी बड़ी पार्टियां कई महत्वपूर्ण सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर सकी हैं। प्रत्याशी चयन को लेकर दोनों ही दलों के भीतर खींचतान जारी है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इसे लेकर इन पार्टियों में अंतिम दौर का मंथन चल रहा है। आज कल में बाकी उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए जाएंगे।

इन सीटों पर भाजपा नहीं तय कर पाई प्रत्याशी

भोपाल- कांग्रेस ने भोपाल से दिग्विजय सिंह को उतारकर बड़ा दांव खेला है। लेकिन भाजपा इस सीट से अभी तक उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। हालांकि शुक्रवार को दिनभर भारतीय जनता पार्टी की टिकटों को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री उमा भारती आरएसएस कार्यालय झंडेवाला जाने को लेकर कुछ न्यूज चैनल्स ने उन्हें भोपाल से भाजपा प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद ही कयास लगाए गए कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सिफारिश पर उमा को कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से चुनाव मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है।

इंदौर: इंदौर की टिकट को लेकर भी अब तक फैसला नहीं हो पा रहा है। वहां से मौजूदा सांसद सुमित्रा महाजन के चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद भाजपा अभी तक असमंजस में है। ऐसी स्थिति में भाजपा यहां से मजबूत उम्मीदवार की तलाश में है। इंदौर के मामले में बीजेपी कहीं ज्यादा सजग है और उसे सुमित्रा महाजन की पसंद पर भी गौर करना पड़ रहा है। इंदौर बीजेपी के गढ़ है, जहां से बीजेपी 1989 से लगातार लोकसभा चुनाव जीतती आ रही है।

गोरखपुर: योगी आदित्यनाथ का गढ़ कहे जाने वाले गोरखपुर में भाजपा अभी तक किसी नाम का ऐलान नहीं कर पाई है। पहले अमरेंद्र निषाद और फिर उपचुनाव में उपेंद्र दत्त शुक्ल को हराने वाले सांसद प्रवीण निषाद को पार्टी में शामिल करके निषाद कार्ड खेलने की शीर्ष नेतृत्व ने अपनी मंशा तो जाहिर कर दी पर इसे लेकर अभी तक  निर्णय नहीं लिया जा सका है। पार्टी नेतृत्व को कार्यकर्ताओं की भी चिंता भी बनी हुई है। हालांकि यहां से पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें भी जोरों पर है।

इन सीटों पर फंसा कांग्रेस का पेंच

वाराणसी: 17वें लोकसभा चुनाव में सबसे रोचक लड़ाई वाराणसी संसदीय सीट पर हो सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी वाली हाइप्रोफाइल यह सीट के लिए कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई नाम तय नहीं किया जा सका है। लेकिन पिछले दो दिनों से अटकलें तेज है कि यहां से प्रियंका गांधी वाड्रा को चुनाव लड़ाया जा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि प्रियंका को प्रत्याशी बनाए जाने के लिए कांग्रेस की रिसर्च टीम बनारस में डेरा डाल चुकी है और जातीय समीकरण साधा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पूर्वाचल की चार संसदीय सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कांग्रेस ने शनिवार को कर दी, लेकिन वाराणसी सीट पर अभी भी रहस्य बना हुआ है।

हिसार:हरियाणा के हिसार लोकसभा सीट को लेकर कांग्रेस पार्टी में पेंच फंस गया है। कहा जा रहा है इसकी वजह कुलदीप बिश्नोई है। कांग्रेस हाईकमान चाहती है कि पूर्व में हिसार से सांसद रहे कुलदीप बिश्नोई स्वयं चुनाव लड़े, लेकिन कुलदीप है कि अपने बेटे भव्य बिश्नोई के लिए टिकट की मांगने पर अड़े हैं।

कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र सीट पर नवीन जिंदल का नाम चल रहा है। लेकिन चर्चा यह भी है कि जिंदल चुनाव लड़ने के मूड में नहीं हैं। यहां कांग्रेसअभी तक किसी नतीजे पर पहुंचती दिखाई नहीं दे रही है। इसके अलावा कांग्रेस ने करनाल, हिसार, सोनीपत सीट पर अभी नाम घोषित नहीं किए हैं। 

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