Home » बोलती तस्वीर » सामान्य » सतीश कौशिक ने ट्रक में लगाया थियेटर, जहां गांव वाले देख सकते केवल 35 रुपये में फिल्म

सतीश कौशिक ने ट्रक में लगाया थियेटर, जहां गांव वाले देख सकते केवल 35 रुपये में फिल्म

MAY 14 , 2018

आज के समय में मनोरंजन के लिए कई प्रकार की सुविधाओं ने जन्म ले लिया है, जैसे सिनेमा, इंटरनेट या कई अन्य मनोरंजन की सुविधाएं हैं। ये सुविधाएं शहरी क्षेत्रों में तो आसानी से मिल जाती हैं लेकिन गांवों में अभी भी इन सुविधाओं के लिए जूझना ही पड़ता है। गांवों में अक्सर घरों में टीवी तो होते हैं लेकिन लंबी बिजली कटौती के चलते लोग इंतजार ही करते रह जाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब गांववाले भी नई फिल्म देख सकते हैं वो भी सस्ते दामों में और चलते-फिरते सिनेमा हॉल में।

गांवों में मनोरंजन की सुविधाओं से जूझने वालों के लिए हाल ही में फिल्म मेकर सतीश कौशिक ने मोबाइल थियेटर बनाया है, जिसको कहीं भी ले जाया जा सकता है। सतीश कौशिक ने फिल्म बाहुबली-2 मोबाइल थियेटर में ही देखी थी। पिक्चर क्वालिटी और साउंड क्वालिटी शानदार लगी, जिसके बाद उनको ये आइडिया आया। इस थिएटर का नाम मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर (MDMT) है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पो'दंगल', 'पैडमैन' और 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' जैसी कई ऐसी प्रेरक फिल्में हैं जिन्होंने कई देशों में झंडे गाड़ दिए लेकिन हमारे देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने अभी भी इन्हें नहीं देखा है। इन्हीं सब चीजों को आसान बनाने के लिए, अभिनेता सतीश कौशिक मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर (एमडीएमटी) लॉन्च कर रहे हैं। वह ट्रक को सिनेमाघरों में परिवर्तित कर रहें हैं, जो विभिन्न गांवों में यात्रा कर सकता है ताकि लोग 35 रुपये से 75 रुपये के बीच फिल्में देख सकें।

हालांकि सरकार इस परियोजना के लिए धन आवंटित नहीं कर रही है। फिर भी इसे दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लॉन्च किया गया और कुछ दिनों में ये सुविधा शुरू भी की जाएगी। प्रत्येक ट्रक का नाम एक लोकप्रिय फिल्म के नाम पर रखा जाएगा। इन नामों में शामिल फिल्में हैं- 'मिस्टर इंडिया', 'बाहुबली', 'शहंशाह' और 'डॉन'।

इस बारे में सतिश कौशिक का मानना है कि प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ती जा रही हैं ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मनोरंजन प्रदान करने के लिए ये एक अच्छी शुरुआत है।


अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या
एपल स्टोर से

Copyright © 2016 by Outlook Hindi.