Home » बोलती तस्वीर » सामान्य » रिक्शा चालक के बेटे निसार अहमद ने ईद पर दौड़ में बनाया ऑल इंडिया रिकॉर्ड

रिक्शा चालक के बेटे निसार अहमद ने ईद पर दौड़ में बनाया ऑल इंडिया रिकॉर्ड

SEP 05 , 2017

बता दें कि निसार की जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि उसने अंडर 16 ऑल इंडिया रिकॉर्ड को तोड़ा है। निसार के पिता रिक्शा चलाते है और माँ घर का काम करती है। निसार की बहन को जब इस बात का पता चला तब वो भावुक हो गई और उसकी आँखों से खुशी के आंसू आ गए।

दिल्ली का स्लम बॉय है निसार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निसार दिल्ली के आज़ादपुर रेलवे स्टेशन के बड़े बाग स्लम में रहता है। घर की माली हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिता नन्कू अहमद रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। चार लोगों का परिवार एक कमरे में रहता है। पिता को आर्थिक सहारा मिल सके इसलिए मां दूसरे के घरों में काम करती हैं।

Advertisement

मां-बाप के पैर में है परेशानी

निसार के पिता नन्कू अहमद के पैर में 20 साल से परेशानी है, फिर भी वह रिक्शा चलाते हैं। वहीं, मां को भी चलने-फिरने में थोड़ी समस्या होती है। निसार की दो बहने हैं। एक की शादी हो चुकी है तो दूसरी की शादी के लिए मां-बाप पैसे जुटाने में लगे हैं।

धावक निसार की मां ने बताया कि बेटा दौड़कर आता तो गर्मी से बेहाल दिखता. इसी को ध्यान में रखकर एक पुराना कूलर खरीदा है. पैसों की किल्लत और महंगी बिजली के चलते बड़ा कूलर नहीं ला पा रही हैं।

बिना फीस के निसार को कोचिंग देती हैं गुरु

निसार की गुरु सुनीता राय हैं। वह बिना फीस लिए उसे कोचिंग दे रही हैं। ऑल इंडिया स्कूल लेवल के लिए क्वालीफाई करने के लिए निसार ने अंडर 14 इंटर जोन खेले। इंटर जोन में निसार ने तीन दिन गोल्ड जीता और रिकॉर्ड भी बनाया। 2016 में निसार ने दिल्ली राज्य अंडर 16 प्रतियोगिता में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता था। दिल्ली में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद गेल इंडिया ने उनके साथ स्पॉन्सर करते हुए कुछ पैसे भी दिए। अब निसार गेल इंडिया स्प्रिंट स्टार के रूप में जाना जाता है।

केरल में जीता था कांस्य पदक

इंटर जोन में क्वालीफाई करने के बाद निसार ऑल इंडिया स्कूल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। केरल में हुई प्रतियोगिता में निसार ने पहले दिन 400 मीटर में कांस्य पदक जीता। दूसरे दिन निसार गोल्ड और तीसरे व चौथे दिन भी मेडल अपने नाम कर लिया।


अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या
एपल स्टोर से

Copyright © 2016 by Outlook Hindi.