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बहुत देर कर दी हुजूर!

काश! सरकार तीन बैंकों के विलय का फैसला चार साल पहले कर लेती तो नतीजे बेहतर आ सकते थे। अब तो यह अच्छा कदम भी बेहतर नतीजे शायद ही दे पाए

आंकड़ों से आगे भागे महंगाई

आंकड़ों में नदारद मगर जेब पर भारी पड़ती कीमतों का आइए जाने रहस्य, चुनावी वर्ष में तेल के चढ़ने और रुपये के गिरने से आम आदमी पर कितना बोझ बढ़ा

भारी पड़ी सरकार की चूक

डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये का टूटना किसान से लेकर उद्योग जगत तक सब पर भारी

देखिए कब चेतती है सरकार

रुपये को संभालिए वरना हर पांच फीसदी की गिरावट से खुदरा महंगाई दर 0.20 फीसदी बढ़ जाएगी

किसकी छतरी तले गेमचेंजर

2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में निर्णायक बनकर उभरे छोटे दल, इन्हें साधने के लिए पक्ष-विपक्ष दोनों लगा रहे जोर

सीधी लड़ाई में पूछ बढ़ी

एनडीए बनाम महागठबंधन की टक्कर में निर्णायक साबित हो सकता है रालोसपा, हम, जाप, निषाद विकास संघ और एमएसयू का रुख

जो तय करेंगे नतीजे

झाविमो और आजसू के रुख पर निर्भर विपक्ष की एकजुटता

दायरा छोटा, असर बड़ा

सरकार विरोधी लहर, मुद्दों की गहमागहमी में बढ़े छोटे दलों के भाव

चौधराहट की कलह भारी

हरियाणा में पांच खेमों में बंटी कांग्रेस, सबके अपने-अपने राग

आस्था के आसरे पहाड़ी रणनीति

लोकसभा चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस की कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश में भाजपा, विकास के बजाय आस्था के जरिए चुनावी बैतरणी पार करने की मुहिम पर जोर, कई पुराने नेता बदले जाएंगे

बादशाहत भी गई और साख भी

इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में बल्लेबाज ढेर, गेंदबाजों ने कई बार जीत के दरवाजे खोले, पर बल्लेबाजों ने फेरा पानी

...इसलिए गिर रहा है रूपया

अब भी रुपया गिर रहा है और इतना गिरा कि आजादी के बाद से आज तक के गिरने के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले

ट्रंप की ये दुश्वारियां

वाटरगेट से तुलना दूर की कौड़ी है लेकिन ट्रंप को लेकर मच रही चीख-पुकार की उपेक्षा नहीं की जा सकती

अभी तो फैसले में देर

अक्टूबर में सेवानिवृत्त होने वाले प्रधान न्यायाधीश के पास अयोध्या पर ‘अंतिम फैसला’ देने की मोहलत नहीं

क्या माल्या कभी वापस आएगा?

माल्या के लौटने की अटकलें तो हैं, लेकिन 2019 के चुनाव से पहले नहीं, खुद की शर्तों पर वापसी का ढूंढ़ रहा रास्ता

इस बयार के क्या संकेत

डूसू और जेएनयूएसयू ने कायम रखी परिपाटी, लेकिन राजस्थान और एमएसयू के छात्रों ने बहाई नई हवा

जिसकी डफली ने बदली आबोहवा

पीयूसीएससी में कनुप्रिया की जीत ने नए संगठनों के लिए राह खोली

किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में सरकार

मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र के विकास के लिए देश के सामने नई कार्यविधि, पारदर्शी कार्यशैली के नए प्रतिमान रचे हैं, इससे किसानों के जीवन में गुणात्मक सुधार आ रहा है, 2022 तक आय दोगुनी करने का लक्ष्य होगा पूरा

अभी कैद हैं कई मौलिक अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने आइपीसी की धारा 377 को खत्म कर सुनाया ऐतिहासिक फैसला, मगर अब भी कई मौलिक अधिकार ऐसे हैं जिन्हें मुक्त किया जाना बाकी

खोने लगी खुशबू

राजनैतिक अस्थिरता, मजदूरों का पलायन और जलवायु परिवर्तन छीनने लगा है दार्जिलिंग चाय की लाजवाब गमक

पाताल प्रकृति कला

मेघालय की अनूठी गुफाओं में कई रहस्य ठहरे हुए हैं और इनमें कैद है पृथ्वी के अतीत की झलक

पितृ सत्ता से समझौता नहीं

मनुष्य जाति के लिए यह मृत्यु समान है इसलिए स्त्री विमर्श समग्र सभ्यता का विमर्श है, न कि सिर्फ देह का

“इस चुनाव में एंटी इंकंबेंसी फैक्टर है ही नहीं”

कांग्रेस ने जहां-जहां तालमेल किया अपने अंत की शुरुआत कर ली। पूरे देश का इतिहास आज देख लीजिए। आज उत्तर प्रदेश और बिहार में कांग्रेस की क्या हालत हो गई

आख्यान की तरह सुरीला जीवन

सुरों की इंद्रधनुषी आभा से सजा पंडित जसराज का जीवन इस पुस्तक में एक आख्यान की तरह पढ़ा जा सकता है

पंचायती राज की जमीनी हकीकत

यह किताब उन सभी के लिए एक दस्तावेज की तरह है जो पंचायती राज व्यवस्था के हर पक्ष से रूबरू होना चाहते हैं

कर्बला और हुसैनी ब्राह्मण

एक ऐसा हिंदू समुदाय जिनके धार्मिक रीति-रिवाजों पर आज भी इस्लाम का प्रभाव है