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मैगज़ीन डिटेल

वर्जनाओं के पार नई मंजिलें

खासकर शहरों में टूटते-बिखरते सामाजिक ताने-बाने से नयों से मेलजोल बढ़ाने की चाहत में डेटिंग के चलन में आई छलांग, डेटिंग ऐप कंपनियों का बाजार भी बेतहाशा बढ़ा

इस नफरत से तो तौबा!

सरकार में बैठे व्यक्ति ऐसे कदम उठाते हैं तो यह लोकतांत्रिक देश की कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का सबब है। इससे प्रतिकूल संदेश जाते हैं कि भीड़ द्वारा गोहत्या या दूसरी अफवाहों की वजह से निरीह लोगों की हत्या के बाद भी सम्मान पाने की गुंजाइश है

टिंडर डायरी

लोगों से इस तरह मिलना बड़ा अजीब भी है और अच्छा भी

डिजिटल इश्क, अजनबी रास्तों पर हमकदम

एक तरह की सुरक्षा देती हैं इंटरनेट और जॉस्टल जैसी सुविधाएं

नवमिलन के सुख-दुख

ऑनलाइन दुनिया में यह ‘खुद की तलाश’ जैसा है, इस दौरान दिलों के टूटने, सेक्स के खट्टे-मीठे अनुभवों, अहं पालने-पुचकारने, रसीली बातों, दिलचस्प मुलाकातों और पक्की दोस्ती के सिलसिले चलते रहते हैं

हमराह पाने की ख्वाहिश

शहरों में बढ़ते अकेलेपन के कारण अजनबियों से जुड़ने की चाहत से बढ़ा डेटिंग का रुझान

अकेलापन बढ़ा तो नया चलन

कुछ सुरक्षित होने के कारण बढ़ा डेटिंग ऐप का इस्तेमाल, लेकिन जोखिम भी, इसलिए बरतें सावधानी

मासूमों पर कहर बना चुनावी मुद्दा!

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए हदें पार कर रहीं नाबालिगों से दुष्कर्म की घटनाएं, बनी राजनीतिक मुद्दा

टेनिस को चाहिए कोई गोपीचंद

लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी नए सितारे का मोहताज भारतीय टेनिस, कब पूरी होगी चैंपियन की तलाश

हर दिल अजीज अंदाजे-बयां

हिंदी फिल्मों को अनोखे और दिलकश गीत देने वाले राजा मेहदी अली खान और भी विधाओं में थे माहिर

वर्चुअल दुनिया की सड़ांध

देश के तमाम कूड़ाघरों में जितना कचरा है अब उससे ज्यादा लोग सोशल मीडिया में उड़ेलने लगे हैं

भाजपा मैदान में, विपक्ष का इंतजार

भाजपा की मशीनरी चुनावी मोड में चली गई है लेकिन विपक्ष अभी न तो गठबंधन का पुख्‍ता फार्मूला, न चुनावी रणनीति ही तय कर पाया

गोलमेज से निकले सहमति के संकेत

कश्मीर पर एक स्वीकार्य समाधान तक जल्द से जल्द पहुंचना हमारे हित में

वादी और बर्बादी

नौ लेंस, दो दशक, फोटो एलबम से कश्मीर त्रासदी के नजारे

एनएसजी क्यों जरूरी?

इसकी तैनाती से न सिर्फ लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा होगा, बल्कि हमलों में भी कमी आएगी

“चुनाव में हम अकेले सब पर भारी पड़ेंगे”

हमारी अपनी ताकत पर्याप्त है, किसी से गठबंधन नहीं करेंगे

दिल्ली के दरमियां देश

कृष्णा सोबती ने महीन पच्चीकारी से भाषा का सौंदर्य इतना ऊंचा कर दिया है कि गद्य भी पद्य जैसी लय पा जाता है

स्त्री-मुक्ति के नए आयाम

नया स्‍त्रीवाद हर वर्ग की विशिष्ट समस्याएं स्वीकारता है, स्‍त्री देह घाव भी है, घाव दिखाना देह दिखाना नहीं

सपने तो हैं पर संसाधनों की धारा उलटी

देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं, मदद और माहौल मुहैया कराने की दरकार

अमेरिकी शिक्षा पद्धति के सौ साल

अमेरिकी विश्वविद्यालयों के असाधारण वैश्विक असर का आखिर क्या है रहस्य?

किताबी ज्ञान की कोठरी से निकलें

पश्चिमी मानकों को छूने के लिए भारतीय विश्वविद्यालयों की शोध व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव जरूरी