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पुराने और नए समीकरण की जोर आजमाइश

पूरब में गोरखपुर और फूलपुर के बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश में कैराना और नूरपुर के उपचुनाव में भाजपा और एकजुट विपक्ष का इम्तिहान

जनादेश की राजनीति

चुनाव नतीजों ने सबके हिस्से में एक न एक मायने में कुछ जोड़ा तो सबकी राह में कुछ रोड़े भी अटका दिए और नई सियासत की राह खोल दी

2019 के लिए उभरे नए सियासी सूत्र

कर्नाटक चुनावों ने देश की राजनीति को एक नए मोड़ पर ला दिया, एकतरफा जीत का रुझान बदला, गठजोड़ों की सियासत के द्वार खुले

नतीजों के राष्ट्रीय मायने

कर्नाटक के चुनाव इस यक्ष प्रश्न का जवाब नहीं देते कि 2019 के लिए सच्चे विकल्प की राह कैसे खुलेगी

बहुमत जुटाने की चुनौती

नाटकीय घटनाक्रम में येदियुरप्पा को सरकार बनाने का मौका तो मिला लेकिन अभी खेल बाकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रैलियों का कितना असर

जानिए, जिन सीटों पर पीएम और कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली की उनके नतीजे कैसे रहे

नतीजों से निकले कई आश्चर्य

मामला सिर्फ जाति और समुदायों की गोलबंदी का नहीं, पार्टियों के असर वाले क्षेत्र भी ज्यादा साफ हुए

पहले इम्तिहान की रस्साकशी

लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एका और भाजपा-आजसू के समीकरण बिगड़ने से दिलचस्प हुए उपचुनाव

वादी में दहकते चिनारों की तपन

पत्थरबाजी की घटनाओं और आतंकरोधी अभियानों में बेकसूरों की मौत से कश्मीर के हालात सबसे बुरे दौर में, क्या संघर्ष-विराम की अपील सुनेगा केंद्र?

पत्थलगड़ी भाजपा के लिए खतरे की घंटी

जशपुर जिले में पनपे पत्थलगड़ी आंदोलन से भाजपा नेताओं के माथे पर बल पड़ने लगा, तो कांग्रेस में उत्साह का संचार

बीते 4,500 दिन, सोई सरकार

सरकारी उपेक्षा से जयपुर मेटल के मजदूर बेबस और लाचार

नीतीश का ‘नेतरहाट’ गड़ब‌ड़ियों का गुरुकुल

आठ साल में चार कमेटियां, मगर मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट घपलों, अनियमितताओं से हुआ पस्त

नीतियों ने किया मजा किरकिरा

कभी खेलों में डंका बजाने वाले राज्यों में सरकारी रुझानों से खिलाड़ियों में हताशा, प्रोत्साहन के लिए योजनाएं और सुविधाएं घटीं

उम्रदराज खिलाड़ियों की बल्ले-बल्ले

धोनी और 30 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ियों ने 'टी-20 युवाओं का खेल' वाले मिथक को तोड़ा

जिनके सामने बड़े स्टार भी पड़े फीके

आइपीएल के 11वें सीजन में अनकैप्ड प्लेयर्स का जलवा

उलटे लटके हम, सीधे उल्लू

‘कुछ कुछ होता है’ को ‘सब कुछ हो जाने दो’ में बदल देने का जंतर प्री-वेडिंग के बाजार ने ही दिया

न खुदा मिला, न विसाले सनम

फ्लिपकार्ट के सौदे से स्टार्टअप का गुब्बारा तो फूटा ही, बढ़ा सकता है राजनैतिक सरगर्मी

सवाल एक लाख करोड़ का

फ्लिपकार्ट के वॉलमार्ट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के हाथों बिकने से स्वदेशी स्टार्टअप का सपना चकनाचूर

आइटीआर फार्म में क्या है नया

इस साल आयकर रिटर्न फार्म में किए गए हैं कई महत्वपूर्ण बदलाव, इससे क्या होगी सहूलियत और कहां होगी दिक्कत

‘न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए’

एक समय था जब बशीर बद्र मुशायरों की जान हुआ करते थे और शे'रो-सुखन में इतने मशगूल रहते थे कि घर के लिए वक्त कम ही होता था, आज वे तन्हा हैं और खुद की भी याद नहीं

जहां से जन्मा देश में कला आंदोलन

अंग्रेजी राज में ही कलाकारों के प्रयासों से स्थापित आइफैक्स अपने 90वें वर्ष में एक बार फिर कला-संस्कृति का अनूठा मंच बनने को तैयार

‘पुरानी विरासत लौटानी है’

कैराना संसदीय क्षेत्र और नूरपुर विधानसभा में विपक्षी एकता के चेहरे रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी से संपादक हरवीर सिंह की बातचीत के अंशः

मार्क्स आज और अधिक प्रासंगिक

हमने जातीय भेदभाव की अनदेखी नहीं की पर, अमल में हम कमजोर रहे। हम नफरत और शोषण के खिलाफ व्यापक मंच बना रहे हैं

वॉलमार्ट खाली हाथ जाएगी

ई-कॉमर्स के रास्ते देश के खुदरा बाजार में वॉलमार्ट के प्रवेश को लेकर आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक डॉ. अश्वनी महाजन कई गंभीर सवाल उठा रहे हैं। इस मुद्दे पर उनसे हुई चंदन कुमार की बातचीत के अंश:

राबिनहुड छवि की खातिर नोटबंदी!

नोटबंदी और कालाधन पकड़ने में सरकार की विफलताओं को इस किताब में आंकड़ों और प्रमाण के साथ किया गया है

एड्स से बचे, शर्म में डूबे

भारत में एचआइवी/एड्स के मामलों की वार्षिक वृद्धि में 2000 से 57 प्रतिशत की कमी आई लेकिन सामाजिक तौर पर मरीज अब भी बहिष्कृत

जिन्ना, एएमयू और हिंदू सांप्रदायिकता

जिन्ना की तस्वीर को लेकर हंगामा तो बहाना है, असली मकसद है ‌हिंदुत्ववादी सांप्रदायिक विचारों का प्रसार