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2019 के पहले...

चुनावी जीत के लिए किसी भी हद तक जाने के राजनीतिक दलों के तरीके खतरनाक उन्माद और कटुता का माहौल बना रहे हैं। यही बदलता परिदृश्य 2019 के लोकसभा चुनावों की दिशा तय करेगा

बड़े सियासी बदलाव के संकेत

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों खासकर त्रिपुरा के नतीजों के व्यापक राजनैतिक असर अवश्यंभावी

कैसे हारे मानिक सरकार

पिछड़ेपन और गरीबी से उबरने की युवा आकांक्षाओं के आगे ईमानदार छवि का जादू पड़ा फीका

वाम का सिकुड़ता दायरा

त्रिपुरा में वाम मोर्चा की सरकार जाने के बाद अब कम्युनिस्टों का केवल एक गढ़ बचा है केरल

त्रिपुरा में ध्वस्त लेनिनग्राद

उत्तर-पूर्वांचल में भाजपा ने स्थाानीय को सम्मान दिया, यह एक नई भारतीय राष्ट्रीय राजनीति का विस्तार है

सत्ता व धनबल से जीती भाजपा

झूठे वादों के साथ धार्मिक और जातीय उन्माद बढ़ाकर भाजपा ने त्रिपुरा में वोटों का ध्रुवीकरण किया

सितारे सियासी जमीं पर

कमल हासन ने राजनीतिक दल तो रजनीकांत ने की एक और फिल्म की शुरुआत

सियासत महज नाटक नहीं

कर्नाटक में भी एक सितारे ने की राजनैतिक जमीन तोड़ने की कोशिश

दलित पर दांव दोनों ओर

क्या मांझी, चौधरी के पाला बदलने से पूरे होंगे जदयू, राजद के मंसूबे

न टूटा सुरूर, उभरे सवाल

दो लाख छापेमारी, 87 हजार गिरफ्तारी, फिर भी धड़ल्ले से हो रही शराब की तस्करी

स्मार्टफोन से चौथी जंग जीतने की तैयारी

रमन सरकार ने महिलाओं और युवाओं को स्मार्टफोन बांटने की योजना बनाई, मगर विपक्ष का कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप

कर्जमाफी से नहीं छंटी किसान नाराजगी

वादाखिलाफी का आरोप, सरकार की कर्जमाफी को बताया नाकाफी

नाकाम मोर्चे पर फतह के नुस्खे

2019 के लोकसभा चुनाव के साथ ही हरियाणा विधानसभा का चुनाव कराने पर भाजपा की तैयारी

शिवराज के हाथ खाली

भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी पर कांग्रेस को नहीं दे पाई मात

सेहत दुरुस्त करने को नई ऑक्सीजन

स्वास्थ्य सुविधाओं, ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए नई नीति लाने की तैयारी

दिल्ली में आपबीती

केंद्र सरकार और नौकरशाही से जूझती आम आदमी पार्टी की सरकार अब खोने लगी आपा

शासन बनाम प्रशासन

दिल्ली में 20 फरवरी की घटना अप्रत्याशित ही नहीं, स्थान, समय, किरदारों के कारण सदमा देने वाली थी

न स्पर्धा, न लक्ष्य, तीरंदाज तैयार

पांच साल से भंग पड़ा है एसोसिएशन, जूनियर और सब-जूनियर लेवल पर नहीं हो रही प्रतियोगिता

अदाकारी की अद्भुत श्री

प्रतिभा और खास अदाकारी से दक्षिण भारतीय फिल्मों और बॉलीवुड में खास जगह बनाई

नाम भर का थिएटर ओलंपिक्स

रंगमंच की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय हस्तियों और नाटकों के जुटान के बावजूद फीका रहा यह उत्सव

वेलेंटाइन के बाद ब्रेकेश्वर

वक्त बदला तो कष्ट भी बदले हैं, लेकिन व्रत-कथाएं नहीं बदलीं

फर्जीवाड़े का जमा खाता

पीएनबी में नीरव मोदी के गबन के साथ खुलने लगीं बैंकों के फर्जीवाड़ों की परतें, कई सवाल अभी अनुत्तरित

संसदीय लोकतंत्र ही सबसे बेहतर विकल्प

हमारे संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रपति या दूसरी प्रणालियों के बरक्स देश हित में इसे चुना और यह कारगर साबित हुई, लेकिन कई चुनौतियां भी उभरीं, लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ कराना खास समाधान नहीं

खुदकशी क्यों इतनी

अचानक आत्महत्या की वारदातें ऐसी हदें लांघने लगीं जिनसे खतरे की आशंकाएं बढ़ीं और मौजूदा विकास तथा सामाजिक-आर्थिक तनावों के नए आयाम खुलने लगे

आत्महत्या का विज्ञान

आत्मघाती व्यवहार के लिए डिप्रेशन जैसे मनोविकार के अलावा अनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार

आत्मघाती विकास से उपजा अवसाद

नए सामाजिक संकट की आहट है बीमारियों के कारण होने वाली आत्महत्याओं की संख्या में बढ़ोतरी

पहरुओं पर दारोमदार

आत्महत्या या उसकी कोशिश करने वालों में 60-70 फीसदी लोग अवसाद से ग्रसित

सूचना हाइवे पर बचपन की हिफाजत

बच्चों के मामले में सूचना का यह अबाध हाइवे बेहद खतरनाक, कई देश कानून बना चुके हैं, अब भारत में भी इसकी समझ बनने लगी

जरा सी सावधानी, दूर रखे परेशानी

छोटे-छोटे तरीकों से क्रेडिट कार्ड की धोखाधड़ी से बचना संभव

इंटरनेट के जमाने में प्रेम एक पुरातन विचार

वह जमाना बीता जब वासंती हवा भावनाओं में नया ज्वार भर देती थी, अब तो प्रेम संबंध मधुर यादों से खाली और महज कल्पनाओं की पूर्ति का साधन बनते जा रहे हैं

ॠषिकेश, एक अध्यात्म कथा

इंग्लैंड के लिवरपूल से संगीत की दुनिया में तहलका मचाने वाले बीटल्स के भारत प्रेम की अनोखी दास्तान

संगीत पर गीतमय उपन्यास

मृणाल पांडे ने इस उपन्यास में शास्त्रीेय संगीत की मौजूदा स्थिति और उसकी कई उप-धाराओं को जीवित रखने में तवायफों की भूमिका को विषय बनाया है

किस तलाश में यह गाथा

मनुष्य, जीवन और सच की खोज के साथ चलने वाला उपन्यास

‘दुख ही जीवन की कथा रही’

वसंतोत्सव हो या होली का मदनोत्सव, शृंगार के पुष्पों की माला करुण रस के धागे में ही पिरोई जाती है

नीलाभ को ऐसे याद करें

नीलाभ की एक खूबी थी कि वे राजनीति को नेताओं नहीं, बल्कि समाज की तरफ से जानने और समझने की कोशिश करते थे