Advertisement
मैगज़ीन डिटेल

चुनाव आयोग: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या बदलेगा

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए 2 मार्च, 2023 को आए कॉलेजियम की स्थापना संबंधी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का स्वागत सत्ताधारी दल को छोड़कर बाकी सभी पक्षों ने किया है।

जनादेश’23/ पूर्वोत्तर: सरकारें कायम मगर कैसे?

त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय में चुनावी नतीजे कुछ और मगर नैरेटिव कुछ दूसरा ही गढ़ा गया

जल संकट: मार्च में गरमाने लगा हिमालय

अपर्याप्त बारिश और बर्फबारी के अभाव में पहाड़ गर्म हो रहे। इससे हिमालय में पेयजल के अलावा दावानल और चारा संकट के संकेत

आवरण कथा/कपिल शर्मा: एक्सिडेंटल कॉमेडियन

छोटे परदे ने कपिल शर्मा के साथ-साथ कॉमेडी, खासकर स्टैंड-अप की ऐसी धूम मचाई कि आज कपिल की ख्याति बॉलीवुड के किसी सुपरस्टार से टक्कर लेती है, उन्होंने परदे पर पूरे कॉमेडियन तबके को वह शोहरत दिलाई है, जो वर्षों पहले कहीं खो गई थी

आवरण कथा/स्टैंड-अप कॉमेडी: अपनी ही छवि में फंसी विधा

पिछले डेढ़ दशक में स्टैंड-अप कॉमेडी तेजी से लोकप्रिय हुई और कुछेक गतिरोध का भी जरिया बनी, लेकिन दौर बढ़ता जा रहा

आवरण कथा/स्टैंड-अप कॉमेडी: जबान संभाल के

कॉमेडी सिर्फ हंसने-हंसाने का नाम नहीं, कभी-कभी लोगों की भौंहें ही नहीं तनतीं, कोर्ट-कचहरी के चक्कर और सलाखों के पीछे जाने का भी सबब बन जाती है

आवरण कथा /इंटरव्यू: ‘मैं और कपिल शर्मा अलग दुनिया से आते हैं’

नंदिता ने एक प्रभावशाली अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने एक संवेदनशील निर्देशक तक की यात्रा तय की है

आवरण कथा/इंटरव्यू: “वह समय भी अच्छा था, जब जेब में पैसे नहीं होते थे”

मैंने कॉलेज के दिनों में जो थिएटर किया था, उसका परिणाम है कि मैं एक संजीदा भूमिका निभा सका

खेल: क्रिकेट मैदान की दास्तान

कुछ क्रिकेट स्टेडियम इतने खूबसूरत हैं कि उनसे नजरें नहीं हटतीं

खेल: विश्व के सबसे सुंदर क्रिकेट स्टेडियम

स्टेडियम की सुंदरता के कारण, इनमें क्रिकेट मैच देखने का लुत्फ कई गुना बढ़ जाता है

खेल: विश्व के सबसे विचित्र क्रिकेट स्टेडियम

इस दुनिया में कुछ ऐसे भी स्टेडियम हैं, जो अपनी बनावट, भौगोलिक परिदृश्य के लिए लोकप्रिय हैं

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की हलचल

केंद्रीय एजेंसियां: विपक्ष पर वार के औजार!

ईडी-सीबीआइ की भारी सक्रियता क्या अगले साल लोकसभा चुनावों के मद्देनजर विपक्ष को कमजोर करने का तरीका, या नकारात्मक सुर्खियों को दूसरे पाले की ओर ठेलने की कोशिश

रूस-यूक्रेन युद्ध: एक साल में कौन जीता-कौन हारा!

युद्ध और लंबा चला तो रूस की अर्थव्यवस्था चरमराने लगेगी, जबकि सभी नाटो देशों ने रक्षा बजट बढ़ाया और प्रतिबंध कड़े किए

इंटरव्यू/रवीन्द्र भारती: “अपने समय की गवाही देती अभिव्यक्ति”

रवीन्द्र भारती अपनी मौलिक सृजनशीलता और व्यक्तित्व के जुझारूपन के लिए जाने जाते हैं

पुस्तक समीक्षा: नवजागरण के अंतर्विरोध

इस किताब में ‘हिंदू धर्म प्रकाशिका सभा’ के संस्थापक श्रद्धाराम फिल्लौरी के ऊपर एक महत्वपूर्ण निबंध है

पुस्तक समीक्षा: पिता की आवाज

पिता पर केंद्रित कविताओं का संकलन

प्रथम दृष्टि: ऑस्कर की कसौटी

गीत-संगीत में तो हमने दुनिया को दिखा दिया। अब बॉलीवुड या प्रादेशिक सिनेमा की बारी है

संपादक के नाम पत्र

भारत भर से आई पाठको की चिट्ठियां

शहरनामा/बलरामपुर

राप्ती नदी के तट पर बसा शहर

स्मृति: आम आदमी का प्रतिनिधि चेहरा

सतीश कौशिक कुशल अभिनेता थे। उनके व्यक्तित्व की सार्थक पहचान भी यही थी। साधारण चेहरा और कद-काठी के बावजूद वे इतने लोकप्रिय इसलिए थे कि आम दर्शक उनके व्यक्तित्व में खुद को देखते थे।

Advertisement
Advertisement
Advertisement