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आवरण कथा/आलेख: युवाओं को गुस्सा क्यों आता है

अग्निपथ के ऐलान के बाद युवा नाराजगी आखिर क्यों भड़की, रोजगार के अवसरों की तलाश में परेशान युवाओं को शायद सेना की भर्ती की आखिरी आस भी टूटी

मध्य प्रदेश: छोटे बिगाड़ेंगे खेल

निकाय चुनावों में कई छोटी पार्टियां भाजपा-कांग्रेस को चुनौती देने की तैयारी में

आवरण कथा/ हरियाणा: सपने टूटने का रोष

फौज में कम समय के लिए भर्ती ने युवाओं को खुश करने के बजाय उन्हें आंदोलित कर दिया

आवरण कथा/अग्निपथ योजना: तोड़ भर्ती के खौफ से फूटी ज्वाला

सेना की भर्ती की नई योजना को लेकर शक-शुबहे कई, बाद में दी गई रियायतों को भले पूर्व नियोजित कहा जाए मगर अभी भी उसमें पेंच कई, मोर्चे पर अब किसान और विपक्षी पार्टियां भी आ डटीं

आवरण कथा/इंटरव्यू/डॉ. संतोष मेहरोत्रा: ‘इसके राजनैतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं’

जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. संतोष मेहरोत्रा का मानना है कि सेना या अन्य सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं की चाह कम करना जरूरी है

आवरण कथा/नजरिया: आजमा कर तो देखें

अग्निपथ जैसी योजना के लाभ दूसरे देशों में मिल रहे हैं तो हमारे यहां क्यों नहीं मिलेंगे

आवरण कथा/संविदा-शिक्षण: दोयम दर्जे के माट साब

शिक्षा क्षेत्र में संविदा व्यवस्था से न सिर्फ शिक्षकों की दोयम दर्जे की पांत स्थापित हुई, बल्कि शिक्षा का भी बुरा हाल हुआ

आवरण कथा/नजरिया: आशंकाएं तो दूर करें

केंद्र को सोचना होगा कि उसकी कथित महत्वपूर्ण योजनाओं का इतना विरोध क्यों होता है

शख्सियत/मिताली राज: महिला क्रिकेट की किंवदंती

मिताली के नाम न सिर्फ रिकॉर्ड का अंबार है, बल्कि वे नई पीढ़ी की क्रिकेटरों की प्रेरणा भी हैं

आइपीएल मीडिया अधिकार: धन वर्षा का खेल

आइपीएल के हर मैच के लिए बीसीसीआइ को 118 करोड़ रुपये मिलेंगे, 5जी के आने से डिजिटल मीडिया पर बढ़ेगी पहुंच

रहन-सहन/बॉलीवुड: बेबी बंप की बेताबी

हीरोइनों के लिए गर्भावस्था का फोटोशूट कमाई का नया जरिया बना तो फैशन भी आम हुआ, छुपाने से ज्यादा दिखाने पर जोर

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की हलचल

कांग्रेस: विरोध ‘गांधी’ तक सीमित क्यों

सोनिया-राहुल पर ईडी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस आम लोगों के मुद्दों पर यह जोश क्यों नहीं दिखाती

नफरती बोल-बुलडोजर: अजीब दौर, गजब इंसाफ

मुस्लिम देशों और दुनिया में फिजा बदली तो भाजपा ने विवादित नेताओं से पल्ला झाड़ा, मगर बुलडोजर इंसाफ फिर भी जारी रहा

इंटरव्यू/रामदास अठावले: ‘आबादी के हिसाब से आरक्षण मिले’

सामजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत हम गरीबों, वंचितों, शोषितों, दलितों और अनाथ लोगों को न्याय दिलाने का काम करते हैं

प्रथम दृष्टि: लिबास पर बंदिश क्यों

अंग्रेजों के बनाए ड्रेस कोड पर अमल की मजबूरी अब क्यों होनी चाहिए? सवाल तो जायज है लेकिन इससे महत्वपूर्ण यह है कि क्या ऐसा करके वे खास से आम बनने को तैयार हैं?

पत्र संपादक के नाम

भारत भर से आई पाठको की चिट्ठियां

शहरनामा/दमोह

मोह के दम पर सांस लेने वाला शहर


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