Advertisement
Home मैगज़ीन डिटेल
मैगज़ीन डिटेल

आवरण कथा/विवाह में बलात्कार: स्त्री–तन के सवाल

वैवाहिक रिश्तों में बलात्कार को अपवाद मानने वाली भारतीय दंड सहिता की धारा पर एक खंडित न्यायालयी फैसले से स्त्री स्वतंत्रता, रति-सुख, यौनिकता पर बहस का नया आगाज

छत्तीसगढ़: अरण्य अधिकार की हुंकार

सरगुजा के घने हसदेव अरण्य में कोयला खदान की मंजूरी पर पिछले तीन महीने से जंगल बचाने के संकल्प के साथ धरने पर बैठे आदिवासियों की सुध कौन लेगा

मध्य प्रदेश: पंच-पार्षद क्यों नहीं भाते

आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तीन साल से टल रहे स्थानीय निकाय चुनावों का रास्ता साफ

आवरण कथा/नजरिया: न हर पुरुष दुष्ट, न हर महिला भोली

भारत में पहले से ही डोमेस्टिक वायलेंस प्रोटेक्शन कानून है। उसी के तहत मैरिटल रेप के केस दर्ज हों।

आवरण कथा/नजरिया: स्त्री के कंधों पर ही नैतिकता की जिम्मेदारी क्यों

जो समाज स्त्री को अपनी देह पर अधिकार नहीं देता, वह कैसे स्वीकार करेगा कि संबंध बनाने में दोनों की सहमति जरूरी है, अब वक्त है कि स्त्री की यौनिकता पर बात हो

आवरण कथा/नजरिया: कैसे मिलेगा सहज अधिकार

भारत में फेमिनिज्म स्त्री अधिकार के लिए नहीं बल्कि अपना नाम चमकाने का जरिया है

आवरण कथा/आपबीती: ऑर्गेज्म, धमकियां, गालियां और बाद की बातें

स्त्रियों को अमूमन चरम सुख हासिल नहीं होता और अधिकांश पुरुष वर्ग इसे यूं बरतते हैं, जैसे किसी ने उनकी मर्दानगी को कमजोर बता दिया हो

आवरण कथा/नजरिया: अध्यात्म है, तो सुख है

चरम सुख के लिए क्या आवश्यक है? सिर्फ देह या फिर उसका दायरा इससे कहीं अधिक बड़ा है? यह औरत को बाजार की ओर धकेलने के प्रयास से ज्यादा कुछ नहीं

आवरण कथा/नजरिया: तन-तुष्टि से ज्यादा खास मन-संतुष्टि

ऑर्गेज्म की अनुभूति जितनी शारीरिक है, उससे कहीं अधिक यह सुख मानसिक संतुष्टि से जुड़ा है। देह सुख को मन या दिमाग से अलग कर पाना कठिन है

आवरण कथा/नजरिया: कानून के तर्क-वितर्क

भारत में पहले से ही महिलाओं को कानूनी रूप से काफी तरजीह दी गई है, अलग से वैवाहिक बलात्कार अपराध श्रेणी में लाने से झूठे मुकदमों को बढ़ावा मिल सकता है

अर्थव्यवस्थाः महंगाई से गांव, किसान बेहाल

किसानों के लिए संकट दोतरफा क्योंकि खेती की लागत तो काफी बढ़ गई लेकिन उपज के दाम उस अनुपात में नहीं बढ़े

बॉक्सिंग: सुनहरी चमक की नई जरीन

जब मैरी कॉम नई पीढ़ी के लिए जगह छोड़ने को तैयार दिखती हैं तो भारत को गौरवान्वित करने का जिम्मा निकहत जरीन का है

ज्ञानवापी विवाद: पुराने विवाद पर नई सियासत

इतिहास की गलतियां सुधारने के नाम पर सांप्रदायिक दावानल भड़काने की नई कोशिश के राग-रंग

कांग्रेस: ...ओटन लगे कपास

देश की सबसे पुरानी पार्टी में नई जान डालने के लिए बहुप्रतीक्षित चिंतन शिविर पीआर एक्सरसाइज बनकर रह गया, बिखराव तेज होता जा रहा

कांग्रेस: तुगलकी फैसलों का खामियाजा

वरिष्ठ अनुभवी नेताओं को तरजीह देकर कांग्रेस में नई जान डालने की कवायद भी धराशायी होती दिख रही है

श्रीलंकाः पुराने हाथों में कमान

राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने पांच बार प्रधानमंत्री रहे विक्रमसिंघे को फिर सौंपी जिम्मेदारी, पर सवाल यह कि राजनीति बदलेगी या नहीं

पुस्तक समीक्षा: दुष्प्रचार का सामना तर्क और विवेक से

तमाम सवालों और आरोपों का सटीक जवाब, जिनके जरिए अल्पसंख्यक समुदाय को घेरा जा रहा है

पुस्तक समीक्षा: सामासिक संस्कृति

बेहतर और गंभीर सामग्री वाला अंक

प्रथम दृष्टि: ये भी गर्व के हकदार

विडंबना देखिए, निकहत जरीन भले महिला मुक्केबाजी का विश्व खिताब ले आई, बैडमिंटन टीम ने पहली बार थॉमस कप जीत लिया, उन लाजवाब खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा क्रिकेट स्टार की होती है जो ‘गोल्डन डक’ पर आउट हो जाता है

पत्र संपादक के नाम

भारत भर से आई पाठको की चिट्ठियां

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की हलचल

शहरनामा/करेली

करेली के आलूबंडों की शोहरत ऐसी है कि स्टेशन पर सवारी गाड़ी देर तक रुकती है

राजीव हत्याकांड/नजरिया: एक शब्द!

पेरारिवालन और उनकी मां राजीव गांधी की हत्या के लिए भी माफी कहतीं तो बेहतर होता


Advertisement
Advertisement