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आवरण कथा/आलेखः नए साम्राज्यवादी

बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां न सिर्फ अरबों लोगों का जीवन प्रभावित कर रही हैं, बल्कि दूसरी कंपनियों और यहां तक कि सरकारों की भी बाहें मरोड़ने से बाज नहीं आतीं, पसर रहा है नव-उपनिवेशवाद

पंजाबः प्रतिशोध के सरकार

आम आदमी पार्टी पर भी पुलिस और राज्य एजेंसियों का वैसा ही इस्तेमाल करने का आरोप जैसे भाजपा के खिलाफ लग रहा

कांग्रेसः पुरानी जड़ों की ओर

हरियाणा और हिमाचल में पार्टी आलाकमान ने पुराने दिग्गजों पर भरोसा जताया

झारखंड: नोटों की गड्डियों में छुपी राजनीति

तकरीबन 14-15 साल के एक मामले में ईडी के खान सचिव के ठिकानों पर छापे से गरमाई सियासत

आवरण कथा/टेक: डेटावाद का साम्राज्य

कंपनियां ही तय कर रही हैं कि लोग और समाज किस दिशा में जाएंगे, ये अनेक देशों की सरकारों से भी ताकतवर

आवरण कथा/नजरिया: सोशल मीडिया के शिकंजे में हमारे गांव

गांवों का भोलापन छीन रहे इन माध्यमों के इस्तेमाल पर नए सिरे से विचार की जरूरत

आवरण कथा/फिल्मोद्योग: जेफ शरणं गच्छामि

आज सबसे बड़ा मूवी मुगल कोई कपूर, खान, चोपड़ा या जौहर उपनाम वाला नहीं, बल्कि अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसी वैश्विक कंपनियां

यॉर्करः अफगानिस्तान की आवाज राशिद

अफगानिस्तान के खिलाड़ियों की प्रेरणा राशिद खान चाहते हैं कि बड़ी टीमें उनके देश की टीम के साथ क्रिकेट खेलें

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की हलचल

आपबीतीः जिग्नेश मेवाणी/“मेरा कष्ट तो कुछ भी नहीं”

गिरफ्तारी के दौरान नियमों के पालन पर सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश तय कर रखे हैं। लेकिन असम पुलिस ने उन नियमों की जरा भी परवाह नहीं की

मौसमः तपती धरती का अभिशाप

उर्वरकों और कीटनाशकों का इस्तेमाल बढ़ने से भी प्रदूषण बढ़ा, तापमान में वृद्धि रोकने के लिए सरकारों के स्तर पर भी कोई कदम नहीं

बिजली: आखिर गिर ही गई

न बिजली उत्पादन क्षमता कम है, न कोयले की कमी, फिर भी लापरवाहियों और नासमझी भरे फैसलों तथा नीतियों ने देश को संकट में ठेला, जो लोगों और अर्थव्यवस्था को और खस्ताहाल करेगी

इंटरव्यूः नित्यानंद राय/ “कोशिश है कि पार्टी की आशाओं पर खरा उतरूं”

बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव 23 अप्रैल को 78,220 लोगों ने तिरंगा फहराने का गिनीज रिकॉर्ड बनाया, यह गर्व की बात है

इंटरव्यू/विक्टर बनर्जी: ‘रविबाबू कवि से भी बड़े समाज सुधारक थे’

थिंकिंग ऑफ हिम फिल्म को मैंने नहीं चुना बल्कि इसके निर्देशक पाब्लो ने मुझे इस भूमिका के लिए चुना क्योंकि मैं एक बंगाली हूं

विमर्श: संवैधानिक लोकतंत्र है या...

दमनकारी कानूनों और पुलिस का सहारा लेकर विरोध को दबाना प्रजातंत्र के सिद्धांतों के विपरीत

प्रथम दृष्टिः परीक्षा तंत्र की परीक्षा

प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना से नौकरी की तलाश में जद्दोजहद कर रहे नौजवान का ही सपना नहीं टूटता, बल्कि उसके पूरे परिवार का सपना टूटता है जो अपनी जरूरतें दरकिनार कर उसे हर आवश्यक सुविधा मुहैया कराता है

पत्र संपादक के नाम

भारत भर से आई पाठको की प्रतिक्रियाएं

प्रशांत किशोरः डग भरने की ख्वाहिश

चुनाव रणनीतिकार ने राजनीति के सफर की शुरुआत अपने गृह प्रदेश बिहार से करने का ऐलान किया मगर कई सवाल हैं भविष्य के गर्भ में

शहरनामा/उज्जैन

शक्तिपीठ, ज्योतिर्लिंग और सिंहस्थ महापर्व वाला शहर

स्मृति: बनाई संतूर की नई पहचान

शास्त्रीय वाद्ययंत्रों में संतूर को शामिल कराने वाले शिव कुमार शर्मा सिर्फ संतूर बजाने के लिए ही प्रसिद्ध नहीं थे बल्कि उन्होंने इसमें कई सुधार किए


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