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हिंदी पट्टी का रक्त-चरित्र

हिंदी प्रदेशों और खासकर सियासी तौर पर सबसे अहम उत्तर प्रदेश के सामाजिक-राजनैतिक तानेबाने में पिरोयी गैंगस्टर और बाहुबली संस्कृति पिछले चार दशकों में राजनीति के तौर-तरीकों का नतीजा

परदा गिरा नहीं, खेल अभी जारी

पहली बाजी भले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम रही लेकिन पायलट और भाजपा की चुनौती जल्दीत खत्म होती नहीं दिखती

लाल झंडे फिर लहराए

नए दफ्तरों और रैलियों से माकपा में जान फूंकने की कोशिशें और अगले साल विधानसभा चुनावों में बेहतर नतीजों की उम्मीद

सन्नाटे में दहकते सवाल

सरकार की नजर में स्थिति सामान्य, पर न नाकेबंदी हटी, न मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकार हुए बहाल

कांवड़ बैठी, आर्थिकी ठप

महामारी से सावन में होने वाली कांवड़ यात्रा थमी, तो आस्थाम के साथ हजारों करोड़ के कारोबार पर ग्रहण

सियासी दम से दबंगई बेपनाह

कभी प्रदेश में इनकी तूती बोलती थी, लेकिन राजनैतिक संरक्षण कम होने से बदले हालात

कोयलांचल के बाहुबली

धनबाद इलाके में पांच दशकों से चल रहे गैंगवार में 350 से अधिक की मौत, राजनीतिक सांठगांठ के चलते अब भी दबंगई जारी

जय हो बॉलीवुड डॉन की!

हर दौर में फिल्मी परदे पर डॉन दर्शकों को लुभाते रहे हैं, फिल्मकार भी हमेशा ऐसी कहानियों की खोज में रहते हैं, जिन्हें बॉलीवुड के परदे पर उतारा जा सके

सप्तरंग

ग्लैमर जगत और दुनिया की हलचल

बिजनेस लाओ, चाहे जान गंवाओ

निजी और सरकारी बैंक कर्मचारियों पर बिजनेस लाने का बढ़ा दबाव तो कोरोना से 2,000 से ज्यादा संक्रमित और 57 की मौत

आत्मनिर्भरता अभी दूर

फिलहाल चीन पर निर्भरता कम करने के लिए उद्योगों का रुख ताइवान, वियतनाम और यूरोपीय देशों की ओर

ओली की ऐसी क्यों बोली

नेपाली प्रधानमंत्री के भारत विरोधी तेवर का राज उनकी घरेलू परेशानियां या भारत की नेपाल नीति की नाकामी

“अनुच्छेद 370 हटने से भारत की आवाज मजबूत हुई”

जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 और 35ए के जरिए हासिल विशेष दर्जा को गंवाए लगभग साल भर हो गया।

“न सितारे गर्दिश में होंगे, न कंटेंट”

स्त्री-केंद्रित सिनेमा में विद्या बालन ने अपनी खास पहचान बनाई है

सत्ता गई, कवयित्री बची रही

बीसवीं सदी के शुरुआत में उभरी रूसी कवयित्री मारीना त्स्वेतायेवा का जीवन बहुत त्रासद रहा

लोकोक्तियों का लौटना

कहानी कहने-सुनने की परंपरा सभ्यता के आरंभ से ही समाज में रही है

शहरनामा/पटना

एक शहर के बनने-बिगड़ने की अतीतानुरागी दास्तान

अंदरखाने

सियासी दुनिया की हलचल

पत्र संपादक के नाम

भारत भर से आईं चिट्ठियां