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मैगज़ीन डिटेल

सवाल तो भरोसे का है

एक फरवरी को पेश होने वाला बजट भरोसा बढ़ाएगा या पिछले साल की तरह हवाई आंकड़ों की कलाबाजी साबित होगा, यही देखना है। देशहित में यही है कि देश में हर मामले में भरोसा बहाली के लिए कदम बढ़ें

कोर्ट से बेखौफ रसूखदार

हाइकोर्ट के फैसले और सरकार के आदेश के बावजूद आयुष कॉलेज छात्रों से वसूल रहे ढाई गुना ज्यादा फीस

केजरी वाल कितनी मजबूत

दिल्ली में सीधी लड़ाई आम आदमी पार्टी और भाजपा में, लेकिन क्या कांग्रेस चौंकाने का रखती है दम

कांग्रेसी गढ़ के लिए जंग

गांधी परिवार के पारंपरिक चुनाव क्षेत्र रायबरेली के लिए कांग्रेस और भाजपा में जोर आजमाइश अभी से

मौलिक अधिकार लगाते हैं राज्य की शक्तियों पर अंकुश

इन अहम अधिकारों के साथ ही हर इंसान संसार में आता है, सबसे अहम है कि इन्हें कोई छीन नहीं सकता

संविधान की अंतरात्मा और शिक्षा

अगर संविधान पर ढंग से अमल होता तो सबको समान शिक्षा मिलती और गैर-बराबरी नहीं रहती, लेकिन सरकारों ने इसकी अवहेलना की, ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ न केवल भटकाव बल्कि छलावा भी

भारत गणराज्य के आधार अधिकार

संविधान की रक्षा और मौलिक अधिकारों के लिए लोकतंत्र के भविष्य से सरोकार रखने वाले हर शख्स को सतत सचेत रहना होगा, पहले भी और आज भी हालात इसकी गवाही देते हैं

सूचना के हक पर ग्रहण

मूल अधिकारों के उल्लंघन और कमजोर करने की कोशिशों के इस दौर में और अधिक जागरूकता जरूरी

सड़क पर उतरे इस लोकतंत्र को पहचानें हम

ताकि संविधान और देश के मौलिक विचारों और लोगों के बुनियादी अधिकारों पर आघात के प्रति सचेत रहें

मजबूत लोकतंत्र की नींव है हमारा संविधान

आज के दौर में यह अकल्पनीय है कि संविधान की मूल भावना को बदला जा सकता है

न्यायिक पारदर्शिता तो महज छलावा

संवेदनशील मामलों में मीडिया को रिपोर्टिंग से रोकने और सरकार से बंद लिफाफे में जवाब हासिल करने के बढ़ते चलन ने खुली अदालत के सिद्घांत को बेमानी बनाया, आरटीआइ के तहत सूचनाओं पर भी कई बंदिशें

उपेक्षा का मारा घरेलू क्रिकेट

भारत नं.1 पर तो आज है विश्व क्रिकेट में, लेकिन वहां कायम तभी रह सकेगा, जब घरेलू यानी रणजी और दलीप ट्रॉफी प्रतियोगिताओं की साज-संभाल होगी, दर्शक आने पर ही खिलाड़ी भी उत्साहित होंगे

पलायन का दर्द

विधु विनोद चोपड़ा और विवेक अग्निहोत्री जैसे बड़े निर्माता कश्मीरी पंडितों के पलायन पर तीन दशक बाद फिल्में बना रहे

जम्मू-कश्मीर\राज तो ऊंचा पर खुले कैसे

सुरक्षा एजेंसियों की करतूत खुलने की आशंका से लोगों को दविंदर सिंह का मामला दबा दिए जाने के आसार

सीएए, एनपीआर, एनआरसी\केंद्र-राज्य महा टकराव के बीज

नए कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर रहे गैर-भाजपा शासित राज्य, एनपीआर का भी विरोध बढ़ा

शक्तिरूपा शाहीन बाग

देश भर में कितने ही शाहीन बाग लोकतंत्र और गणतंत्र में समावेशी संस्कृति को नए सिरे से परिभाषित करने लगे हैं

शान में गुस्ताखी

एक लाइसेंस पर तीन की जगह अब दो हथियार ही रखे जा सकेंगे, संशोधित कानून के विरोध में राजसी और सियासी लोग

“गरीब तो लाचार, अब तो मौलिक अधिकारों पर ही पहरा”

नरेंद्र मोदी की सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों तक की परवाह नहीं करती है। ऐसा पहली बार दिख रहा है कि लोकतंत्र की मूल भावना पर ही चोट की जा रही है

गणतंत्र के 70 साल / मौलिक अधिकारों का हाल

अभिव्यक्ति, शिक्षा, रोजगार, आजीविका पर तरह-तरह की बंदिशों के इस दौर में संवैधानिक मौलिक अधिकारों की दास्तां

क्या होगा री-यूनियन

सप्तनरंग

दो दिग्गजों के बीच नड्डा

भाजपा के नए अध्यक्ष के सामने अमित शाह से बड़ी लाइन खींचने की चुनौती

डायरेक्ट की इनडायरेक्ट मुश्किलें

खाद्य महंगाई दर दहाई अंकों में चली गई है। उपभोक्ता हित के लिए घरेलू किसानों की कीमत पर सस्ते आयात का रास्ता फिर खोला जा सकता है

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