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हड्डियों की सही सेहत बनाए रखने के लिए जीवनशैली से जुड़ी आदतें

डॉ. रुषय भालोदिया - AUG 04 , 2022
हड्डियों की सही सेहत बनाए रखने के लिए जीवनशैली से जुड़ी आदतें
प्रतीकात्मक

हड्डियां हमारे कंकाल तंत्र का अभिन्‍न हिस्‍सा हैं। ये हमारे शरीर को संरचना प्रदान करने, महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षा देने, मांसपेशियों को सहारा बनने और कैल्शियम को संग्रहित करने में अहम भूमिका निभाती हैं। वैसे तो मजबूत और सेहतमंद हड्डी के विकास को सहारा देना जरूरी है,लेकिन किशोरावस्था के बाद उनकी रक्षा करना भी उतना ही आवश्‍यक है।

हड्डियों का विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, पुरानी हड्डियां टूटती है और नई हड्डियों का निर्माण होता है। जब आप युवा होते हैं तो यह प्रक्रिया तेज होती है लेकिन उम्र बढ़ने पर हमारे शरीर को ज्यादा रख-रखाव की जरूरत होती है, खासकर हड्डियों को। आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, हड्डियों के कैंसर (बोन कैंसर) आदि से बचाव के लिये ऐसा करना जरूरी है। इसके बावजूद हम कई बार हमारे जोड़ों द्वारा भेजे जाने वाले चेतावनी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं या घरेलू नुस्खों से उसे मैनेज करने की कोशिश करते हैं और उन्हें स्वस्थ रखने के लिये थोड़ा-थोड़ा कुछ करते हैं।

हड्डियों की सेहत को प्रभावित करने वाले कई घटक हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन घटकों का ध्यान रखें और उन्हें नियंत्रण में रखें। रिसर्च बताते हैं कि तंबाकू का इस्तेमाल और शराब, हड्डियों को कमजोर बनाते हैं। थायरॉयड हॉर्मोन की अत्यधिक मात्रा भी हड्डियों के कमजोर होने की वजह हो सकती है। अन्य घटक ऐसे खाद्य पदार्थ हो सकते हैं, जिन्हें खाने की सख्त मनाही होती है और अंडरवेट होना भी एक घटक हो सकता है, जोकि महिलाओं और पुरुषों दोनों में हड्डियों को कमजोर करता है। इसके साथ ही वेट-लॉस सर्जरी और समस्याएं जैसे सीलिएक डिजीज, कैल्शियम अवशोषित करने की आपकी शारीरिक क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

यहां जीवनशैली से जुड़े कुछ आसान और महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं जोकि हड्डी और जोड़ों की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं:
सक्रिय बने रहें- रोजाना एक्सरसाइज, आपकी हड्डी और जोड़ों को सेहतमंद बनाए रख सकती है। हर अतिरिक्त 1 किलोग्राम वजन आगे चलकर घुटनों पर चार गुना और हिप्स पर छह गुना दबाव डालता है। सक्रिय जीवनशैली से पर्याप्त वजन बनाए रखने में मदद मिलती है और आपके जोड़ लुब्रिकेटेड और सेहतमंद बने रहते हैं।
पौष्टिक भोजन करें- विटामिन और मिनरल से भरपूर चीजों जैसे पालक, चेरीज, सैलमन, दूध, संतरा, अंगूर, अखरोट, सोयाबीन, अदरक को अपने रोजमर्रा के जीवन में शामिल करें। अपने घुटनों को बेहतर ढंग से लुब्रिकेट रखने और सूजन को कम करने के लिये हर दिन कम से कम 8 गिलास पानी पिएं।


अपने जोड़ों पर ध्यान दें- आर्थराइटिस अब सिर्फ बुजुर्गों को प्रभावित करने वाली समस्या नहीं रह गई है। यदि आपको बार-बार घुटनों में दर्द, कड़कपन और लॉकिंग या पॉपिंग की समस्या हो रही है, तो किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और खुद दवाई लेने से बचें। भले ही पेनकिलर्स दर्द से राहत देते होंगे, लेकिन इस समस्या का इलाज नहीं कर सकते। सही समय पर सही जांच से आर्थराइटिस को बढ़ने से रोका जा सकता है और आपके जीवन की गुणवत्ता बढ़ सकती है।

हड्डी रोग के क्षेत्र (ऑर्थोपेडिक्‍स) में प्रगति ने स्थिति के प्रबंधन में काफी हलचल मचाई है। पारंपरिक उपचार विकल्पों जैसे कि दवा, फिजिकल थैरेपी से लेकर सुरक्षित और प्रभावी सर्जिकल उपचार जैसे न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया और गंभीर मामलों में रोबोटिक आर्म-असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से आज आर्थराइटिस को आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, माको स्मार्टरोबोटिक्स जैसी उन्नति में तीन प्रमुख घटक शामिल हैं: टोटल नी, हिप और आंशिक नी रिप्लेसमेंट के बेहतर परिणामों के लिये 3डी सीटी-आधारित प्लानिंग, एक्यूस्टॉप हेप्टिक टेक्नोलॉजी और डेटा का गहराई से आकलन। इस तरह की प्रगति ने दुनिया भर में कई जॉइंट रिप्लेसमेंट रोगियों को तेजी से ठीक होने और दर्द के बिना काफी बेहतर और सक्रिय जीवन जीने में सक्षम बनाया है।


(लेखक सेवियर हॉस्पिटल, अहमदाबाद में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन हैं)



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