Home रहन-सहन फिटनेस फंडा आयुष पद्धति अपनाकर बढ़ाएं रोग-प्रतिरोधक क्षमता, इस तरह पाएं लाभ

आयुष पद्धति अपनाकर बढ़ाएं रोग-प्रतिरोधक क्षमता, इस तरह पाएं लाभ

आउटलुक टीम - APR 29 , 2021
आयुष पद्धति अपनाकर बढ़ाएं रोग-प्रतिरोधक क्षमता, इस तरह पाएं लाभ
आयुष पद्धति अपनाकर बढ़ाएं रोग-प्रतिरोधक क्षमता, इस तरह पाएं लाभ
प्रतीकात्मक तस्वीर
आउटलुक टीम

मध्यप्रदेश के भोपाल में आयुष विभाग ने जानकारी दी है कि आयुष पद्धति अपनाकर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसके लिये आयुष विभाग द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है और जीवन अमृत योजना के तहत काढ़े का वितरण किया जा रहा है। इस बार 8 से 26 अप्रैल तक 59 हजार 843 काढ़े के पैकेट इतने ही परिवारों को उपलब्ध कराये गये हैं। इससे लाभ लेने वाले सदस्यों की संख्या एक लाख 49 हजार 608 है।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये आयुर्वेदिक चिकित्सा अनुसार एक चुटकी, हल्दी और नमक के साथ गर्म पानी से गरारे किये जाने चाहिये। प्रतिमर्स नस्य- नाक के प्रत्येक नथुने में प्रतिदिन सुबह अणु, तिल तेल की 2-2 बूँद डाली जा सकती है। अश्वगंधा चूर्ण के एक से तीन ग्राम चूर्ण को लगातार 15 दिन तक गर्म पानी के साथ लिया जा सकता है। सशंमनी वटी, गुड़ुची, गिलोय घनवटी 500 मिली ग्राम दिन में दो बार ले सकते हैं। त्रिकटु पाउडर एक ग्राम, तुलसी 3 से 5 पत्तियाँ एक गिलास पानी में उबालकर पीने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। तुलसी की पत्तियाँ, दालचीनी, शुण्डी और कालीमिर्च का काढ़ा भी उपयोगी है।