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दिल्ली में फिर बढ़ा प्रदूषण का स्तर, एक बार फिर 'गंभीर श्रेणी' में पहुंची वायु गुणवत्ता

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण बढ़ने लगा है। दिल्ली में मंगलवार को छाए घने धुंध के कारण एक बार...
दिल्ली में फिर बढ़ा प्रदूषण का स्तर, एक बार फिर 'गंभीर श्रेणी' में पहुंची वायु गुणवत्ता

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण बढ़ने लगा है। दिल्ली में मंगलवार को छाए घने धुंध के कारण एक बार फिर वायु की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। खेतों में पराली जलाने में बढ़ोतरी, वायु की गति में कमी और प्रदूषकों के फैलाव में तापमान के चलते बाधा आने के कारण हालात तेजी से बिगड़े हैं। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता आज सुबह 8:30 बजे 376 दर्ज की गई। वहीं, धीरपुर में 388 जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय में यह 382 दर्ज किया गया। वहीं, लोधी रोड और आईआईटी दिल्ली में यह क्रमश: 360 और 369 दर्ज किया गया। इसे खराब श्रेणी में माना जाता है और यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरनाक है। 

बता दें कि दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ने के बाद बीते हफ्ते कुछ राहत मिली थी। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स रविवार 3 नवंबर को 494 रिकॉर्ड किया गया था जबकि बुधवार 6 नवंबर को हवा की गुणवत्ता काफी सुधरी और हवा की गुणवत्ता 214 पहुंच गया था। हालांकि दिल्ली में अनुमान से कम चल रही हवा की रफ्तार से राजधानी में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ना शुरू हो गया है। 

रविवार को हवा की गति 8 किलोमीटर प्रति घंटा ही रही, जबकि पहले 20-25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की उम्मीद जताई गई थी। इसकी वजह से दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 38 अंक ऊपर दर्ज किया गया। शनिवार को 283 दर्ज किया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषण मॉनीटरिंग स्टेशन में रविवार को दिल्ली का एक्यूआइ 321 के स्तर पर दर्ज किया गया। यह बहुत ही खराब श्रेणी में आता है।

दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर में एयर क्वालिटी खराब श्रेणी में

दिल्ली के साथ एनसीआर में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी एयर क्वालिटी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। हवा की गति धीमी होने से स्थिति और खराब होने की संभावना है। गाजियाबाद (441) और वसुंधरा (455) में भी प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर' श्रेणी में आ गया। ग्रेटर नोएडा और नोएडा में भी इसमें बढ़ोतरी देखने को मिली। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट से हवा में ठंडक बढ़ गई है और भारीपन आ गया है, जिससे प्रदूषक तत्व जमीन के निकट जमा हो रहे हैं।

आगे और बढ़ेगा प्रदूषण

प्रदूषण की स्तिथि दिल्ली में अगले 3-4 दिन और बिगड़ने के अनुमान है। मौसम विभाग के एक वैज्ञानिक के मुताबिक, 'हवा की गति घटेगी, 8-10 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती, जबकि अभी 20 किलोमीटर प्रति घंटा थी साथ ही ठंड कुछ बढ़ी है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री रहा, 3-4 दिन पहले तक 15-16 डिग्री था। ऊंचाई के बादल रहेंगे यानी धूप का आना जाना जारी रहेगा।'

बता दें कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 201-300 के बीच ‘खराब', 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब', 401-500 के बीच ‘गंभीर' और 500 के पार ‘बेहद गंभीर' माना जाता। भारतीय मौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव का कहना है कि हवा की गति में कमी आने के चलते प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने में बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर भी दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिल रहा है।

 

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