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बर्ड फ्लू का प्रकोप: आपको चिकन, अंडे खाने चाहिए? जानें क्या कहतें है विशेषज्ञ

आउटलुक टीम - JAN 09 , 2021
बर्ड फ्लू का प्रकोप: आपको चिकन, अंडे खाने चाहिए? जानें क्या कहतें है विशेषज्ञ
बर्ड फ्लू का प्रकोप: आपको चिकन, अंडे खाने चाहिए? जानें क्या कहतें है विशेषज्ञ
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अब तक देश के छह राज्य बर्ड फ्लू की चपेट में हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, केरल और गुजरात शामिल हैं। जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों प्रवासी पक्षियों, बत्तखों और कौवों की मौत हो गई है। एवियन इन्फ्लूएंजा दुनिया भर में जंगली जलीय पक्षियों के बीच स्वाभाविक रूप से होता है जो घरेलू मुर्गी, अन्य पक्षियों और जानवरों की प्रजातियों को संक्रमित कर सकता है। ऐसे में क्या आप भी बर्ड फ्लू के संक्रमण से सुरक्षित रह सकते हैं या इन दिनों मांस और अंडे का सेवन घातक है।

सभी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस मनुष्यों में बीमारी का कारण नहीं बनते हैं। हालांकि, कुछ मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं और गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध एवियन इन्फ्लूएंजा H5N1 वायरस हैं जो पोल्ट्री में फैलते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर दस्ताने और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते हैं तो अंडे, चिकन और अन्य पोल्ट्री पक्षियों से एवियन इन्फ्लुएंजा के संचरण का कुछ जोखिम रहता है।

पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पीएचएफI) के अध्यक्ष के श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, जहां तक इंसानों के इस्तेमाल का सवाल है तो अंडे को पूरी तरह उबाल लेना चाहिए। आधा तला या आधा उबला नहीं होना चाहिए। यानि उन लोगों में भी इस संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है, जो चिकन या अंडा ठीक से पका कर नहीं खाते हैं। आमतौर पर, चिकन पकाने की भारतीय शैली ज्यादा सुरक्षित है।

एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पक्षियों को उनकी आंतों और श्वसन पथ में प्रभावित करते हैं। इनमें से कुछ वायरस मुर्गियों, बत्तखों और टर्की सहित कुछ पालतू पक्षियों की प्रजातियों को खा सकते हैं और मार भी सकते हैं।

एलपीएआई वायरस के साथ पोल्ट्री के संक्रमण से या तो हल्की या कोई बीमारी  नहीं हो सकती है और केवल हल्के लक्षण (जैसे कि रफ़्ड पंख और अंडे के उत्पादन में गिरावट) का कारण हो सकता है और इसका पता नहीं लगाया जा सकता है। एचपीएआई वायरस के साथ मुर्गी का संक्रमण उच्च मृत्यु दर के साथ गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सलाह दी थी कि अगर आप चिकन, मीट, अंडा अच्छी तरह पका कर खाते हैं, तो ऐसे में H5N1 वायरस का खतरा नहीं रहता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कम से कम 70 डिग्री सेल्सियस तापमान में अंडा या चिकन पकाना चाहिए।

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