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उत्तराखंड: डीएम के तबादले के खिलाफ सड़क पर जनसैलाब, विरोध में कराया मुंडन

अमूमन ऐसा कम ही होता है कि जब किसी अफसर के तबादले के खिलाफ आक्रोशित जनता सड़क पर उतर आए। लेकिन उत्तराखंड के बागेश्वर की सड़क पर मंगलवार को ऐसा ही कुछ नजारा रहा। प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 22 अफसरों के तबादले किए जिसकी सबसे अधिक खिलाफत बागेश्वर में देखने को मिली।
उत्तराखंड: डीएम के तबादले के खिलाफ सड़क पर जनसैलाब, विरोध में कराया मुंडन

अपने कार्यों से जनता का दिल जीत चुके डीएम मंगेश घिल्डियाल का तबादला रद्द करने की मांग को लेकर लोग सड़क में उतर आए। इससे पहले तबादला आदेश का पता चलते ही सोमवार की रात लोगों ने स्थानीय विधायक चंदन राम दास के घर पहुंचकर नाराजगी जताई थी और रद्द करने की मांग की थी। विधायक ने मामले में सीएम से बात करने का आश्वासन भी दिया था।

अपने कामों से ऐसे जनप्रिय बने मंगेश

युवा अफसर मंगेश घिल्डियाल ने बीते अक्टूबर में बागेश्वर के 37वें डीएम के रुप में कार्यभार ग्रहण किया था। उन्होंने अन्य अफसरों से अलग अपनी बेहतर कार्यशैली सुस्त पड़ी प्रशासनिक व्यवस्था को ठीक करने का काम किया। उन्होंने सूदूरवर्ती गांवों के पैदल दौरे किए और चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को हल किया। उन्होंने जनता के साथ सरयू और भागीरथी नदी में उतरकर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया।  उन्होंने सरकारी शिक्षा की बेहतरी के लिए स्कूलों में भ्रमण किए और शिक्षकों को प्रोत्साहित किया। अपने बच्चे के मुंडन संस्कार में उन्होंने प्राइमरी पाठशाला म्हरनबुंगा में स्कूली बच्चों के साथ न सिर्फ परिवार के साथ भोजन किया, बल्कि अन्य अफसरों से भी अपने शुभ कार्यों की खुशी इसी तरह बांटने को कहा। गरीब और होनहार बच्चे सिविल सर्विसेज की तैयारी कर सकें, इसके लिए उन्होंने हर रविवार डिग्री कॉलेज में दो घंटे की क्लासेज शुरु करने का फैसला किया था।  इसे अलावा एप के जरिए लोगों को योजनाओं की जानकारी, बच्चों के लिए स्मार्ट क्लासेज के अलावा तमाम कार्य किए। वहीं सड़कों से अतिक्रमण हटाने के साथ ही अवैध खनन, शराब और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े फैसले लिए। उन्होंने खड़िया की खानों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पकड़ते हुए कार्रवाई की थी।

तबादले के विरोध में कराया मुंडन

डीएम मंगेश घिल्डियाल के तबादले के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, व्यापारी, ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के लोग बागनाथ मंदिर परिसर में एकत्र हुए। वहां से वे जूलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे और एसडीएम के माध्यम से सीएम, राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर डीएम के तबादले को रद्द करने की मांग की। आंदोलन में शामिल नागरिक मंच के अध्यक्ष पंकज पांडे ने बताया कि तबादले के विरोध में पीयूसीएल के प्रदेश उपाध्यक्ष नंदाबल्लभ भटट ने सरयू बगड़ में मुंडन भी कराया। कहा कि तबादला महज इत्तेफाक नहीं है। डीएम की कार्यशैली से जनता खुश थी, लेकिन अवैध खनन, खड़िया और शराब का काम करने वाले परेशान थे। दो दिन पहले ही डीएम ने दो-तीन खड़िया खान सीज की थी। कुछ समय से तबादले की सुगबुगाहट चल रही थी तो इस मामले में विधायक को ज्ञापन भी दिया गया था। अब आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए एक बैठक बुलाई गई है। 

मंगेश को बागेश्वर से रुद्रप्रयाग भेजा

शासन ने सोमवार को 22 अफसरों के कार्यक्षेत्रों में बदलाव किए थे। जिस क्रम में बागेश्वर डीएम मंगेश घिल्डियाल को रुद्रप्रयाग का डीएम बनाया गया। रुद्रप्रयाग में तैनात डीएम रंजना को बागेश्वर की जिम्मेदारी सौंपी गई। रंजना ने भी रुद्रप्रयाग में अच्छे कामों को अंजाम दिया है। हालांकि राज्य गठन के बाद संभवतहः यह पहला मौका है, जब किसी डीएम के तबादले के खिलाफ जनता ने सड़क में उतरकर विरोध दर्ज कराया है। कपकोट से चुनाव लड़ चुके भूपेश उपाध्याय ने अपनी फेसबुक वाॅल पर लिखा है कि कपकोट विधायक बलवंत भौर्याल ने लोकप्रिय जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का तबादला कराकर जनपद के विकास के प्रति अपनी सोच प्रदर्शित की है।

 

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