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कानपुर शेल्टर होम मामला: 57 बच्चों के कोरोना संक्रमित होने पर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक (शेल्टर होम) बाल संरक्षण गृह में 50 से ज्यादा बच्चों के कोरोना पॉजिटिव होने...
कानपुर शेल्टर होम मामला: 57 बच्चों के कोरोना संक्रमित होने पर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक (शेल्टर होम) बाल संरक्षण गृह में 50 से ज्यादा बच्चों के कोरोना पॉजिटिव होने के मामले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐडवोकेट गौरव अग्रवाल को ऐमिकस क्यूरी नियुक्त किया। मामले में अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।

हाल ही में, वकील अपर्णा भट ने उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित आश्रय गृह में कोविड-19 के लिए पॉजिटिव परीक्षण करने वाली 57 नाबालिग लड़कियों को उचित "चिकित्सा उपचार और सुविधाएं" देने की मांग की।

बता दें कि 22 जून को कानपुर स्थित एक सरकारी बाल संरक्षण गृह में एक साथ 57 लड़कियों के कोरोना वायरस संक्रमित मिलने से हड़कंप मच गया था, यही नहीं यहां 7 लड़कियां गर्भवती भी पाई गई हैं। जांच के दौरान पता चला कि दो लड़कियां एचआईवी और हेपेटाइटिस सी से भी ग्रसित हैं।

यह मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की दिक्कतें बढ़ गई हैं और अब सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि कानपुर में एक आश्रय गृह में 50 से ज्यादा बच्चे संक्रमित हैं, जिन्हें कोविड19 संक्रमित पाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार को इस मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, त्रिपुरा के राज्यों को मामले में जवाब दाखिल करना बाकी है और इन राज्यों में आश्रय गृहों में बच्चों के बीच कोरोना मामलों की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए उन्हें 10 जुलाई तक का वक़्त दिया गया है। बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 

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