Income tax department's raid in UP, 50 crores cash and 50 kg gold from businessman places : Outlook Hindi
Home » देश » राज्य » यूपी में आयकर विभाग का छापा, कारोबारी के ठिकानों से मिला पांच करोड़ नगद और 50 किलो सोना

यूपी में आयकर विभाग का छापा, कारोबारी के ठिकानों से मिला पांच करोड़ नगद और 50 किलो सोना

JUL 18 , 2018

आयकर विभाग की टीम को हवाला, सूद और रीयल स्टेट कारोबारी के यहां छापेमारी में बड़ी सफलता मिली है। पुराने लखनऊ में राजाबाजार और सुभाष मार्ग स्थित पांच ठिकानों और मुंबई में एक स्थान पर टीम ने छापामारी की, जिसमें टैक्स चोरी, काला धन, बेनामी संपत्ति सहित कई लॉकरों की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को पांच करोड़ रुपये नगद और 50 किलो सोना मिला है।

मंगलवार देर रात तक अधिकारी जांच में जुटे रहे। उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार को तस्वीर और साफ हो जाएगी। आयकर विभाग की टीम ने 100 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ राजा बाजार के सुभाष मार्ग स्थित कन्हैयालाल रस्तोगी, उनकी पत्नी अनीता रस्तोगी, दो पुत्रों उमंग और तरंग रस्तोगी के दो आवासों और तीन कार्यालयों की जांच लखनऊ में की गई, जबकि मुंबई स्थित एक ऑफिस में भी छापामारी की गई।

आयकर विभाग को जानकारी मिली थी कि बड़े पैमाने पर गलत तरीके से रुपयों का लेन-देन कर टैक्स चोरी की जा रही है। पिछले कई दिनों से आयकर विभाग की टीम की नजर कन्हैयालाल रस्तोगी के कारोबार पर थी। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी के पेपर्स और कई लॉकर भी मिले हैं। आयकर विभाग की टीम जल्द ही इन्हें खोलकर जांच करेगी।

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, मेसर्स श्रीराम सावित्री बिल्डर्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स हेडगे टाइटन फिनकॉप प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स केसरी सुत माइक्रो क्रेडिट फाउंडेशन, मेसर्स हेरंब क्रेडिट रिंग प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स करम दर्शन और मेसर्स मां दुर्गा ब्रिक फील्ड की जांच की गई। इन फर्मों के जरिए घोषित तौर पर तो वेयरहाउसिंग, ईंट-भट्ठा, फाइनेंसिंग और पब्लिकेशन का काम किया जाता था, लेकिन विभाग को मिली जानकारी के मुताबिक इसकी आड़ में संबंधित फर्मों द्वारा बिना लिखापढ़ी के नकद रकम ली जा रही है, जबकि भारी लेनदेन, संपत्ति में काला धन निवेश करने के साथ हवाला का कारोबार किया जा रहा था। इसके अलावा बड़े पैमाने पर ब्याज पर पैसा बांटने की सूचनाएं भी आयकर विभाग को मिली हैं।


अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या
एपल स्टोर से

Copyright © 2016 by Outlook Hindi.