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स्टॉकिंग पर सख्त कानून के लिए दिल्ली सरकार कमेटी गठित करेगीः गोपाल राय

आउटलुक ब्यूरो - MAR 07 , 2018
स्टॉकिंग पर सख्त कानून के लिए दिल्ली सरकार कमेटी गठित करेगीः गोपाल राय
स्टॉकिंग पर सख्त कानून के लिए दिल्ली सरकार कमेटी गठित करेगीः गोपाल राय
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दिल्ली सरकार महिलाओं से छेड़छाड़ और पीछा करने (स्टॉकिंग) जैसे अपराध के लिए सख्त कानून बनाने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए विधायकों और विशेषज्ञों की कमेटी बनाई जाएगी और कमेटी विभाग से विचार-विमर्श करके संसोधन विधेयक लाने पर विचार करेगी।

यह आश्वासन आम आदमी पार्टी के दिल्ली के संयोजक और दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आप महिला संगठन की ओर से आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में दिया। आउटलुक इस कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर था। ‘महिला हिंसा के खिलाफ सख्त कानून’ विषय पर आयोजित इस संवाद  में पैनलिस्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि स्टॉकिंग (पीछा करना) जैसे अपराध को जमानती बना दिया गया जिससे समाज में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। महिला संगठन ने आईपीसी की धारा 354 (डी) को गैर जमानती बनाने के साथ सख्त कानून बनाने की मांग की। महिला संगठन सख्त कानून बनाने के समर्थन में 50 हजार हस्ताक्षर कराएगा और इसे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी सौंपेगा।

दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि आमतौर पर जब भी किसी कानून की बात आती है तो दो बातें सामने आती हैं। देश में कई कानून हैं तो फिर नए कानून की क्या जरूरत है? और जब इन पर ठीक से अमल ही नहीं होता तो फिर क्यों न पुराने कानूनों को खत्म कर दिया जाए लेकिन एेसा नहीं है, कानून का अपना असर होता है। वैसे तो छेड़छाड़ और पीछा करना वगैरह मनोवृत्ति से जुड़ा है और इसे बच्चों को संस्कार देने से सुधारा जा सकता है लेकिन कानून की जरूरत तब पड़ती है जब समाज का दायरा मनोवृत्ति को रोकने में नाकाम रहता है। किसी लड़की या महिला का लगातार पीछा करने जैसे अपराध के लिए सख्त कानून बनना चाहिए। कानून से परिवार पर भी दबाव पड़ता है। इसके साथ ही इसके लिए सोशन कैंपन चलाने की भी जरूरत है। इस तरह के मुद्दों पर पुरुष और महिलाओं को साथ मिलकर विचार-विमर्श करने की जरूरत है क्योंकि दोनों ही इससे प्रताड़ित होते हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकार सीमित हैं, बावजूद इसके आप सरकार दिल्ली के लोगों के हितों से जुड़े काम करती रही है। आम जनता से जुड़े ‘जन लोकपाल और न्यूनतम मजदूरी’ के दो विधेयक दिल्ली विधानसभा से पास होने के बावजूद केंद्र सरकार के पास लंबित पड़े हैं। सरकार पीछा करने के अपराध पर सख्त कानून के लिए कमेटी बनाकर विचार-विमर्श करेगी और विधेयक में संसोधन लाने पर विचार करेगी।

आप महिला संगठन की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ऋचा पांडेय मिश्रा ने कहा कि महिलाओं से छेड़खानी और पीछा करने वाले अपराधी को सख्त कानून न होने से आसानी से जमानत मिल जाती है। महिलाओँ पर एसिड अटैक, बलात्कार या हत्या जैसी घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, स्टॉकिंग के मामलों में 33 फीसदी बढ़ोतरी देखी गई है। 2015 में स्टॉकिंग के कुल मामले में 83 फीसदी आरोपियों को कानून के लचीलेपन के कारण आसानी से जमानत मिल गई। इसे मुद्दे पर चर्चा की जा रही है कि क्या किसी की मर्जी के खिलाफ उसका पीछा करना एक गंभीर अपराध है। फोन पर, अश्लील मैसेज करना या जबरदस्ती बात करने की कोशिश करने को अपराध माना जाए या नहीं।

विधायक भावना गौड़ ने कहा कि देश का अपना इतिहास रहा है और यहां सीता, अनसुइया, अहिल्याबाई भी पैदा हुई हैं। उन्होंने इस तरह के बढ़ते अपराध के लिए समाज को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे पीछा करने के कानून के मुद्दे को सरकार और सदन में उठाएंगी। एडवोकेट करुणा नंदी ने कहा कि 2013 में लगातार पीछा करने के कानून को जमानती बना दिया गया जिससे पुलिस और जजों के हाथ बंध गए और अपराधी आसानी से बाहर आने लगे। इसके लिए जरूरी है कि धारा 354 (डी) में संसोधन करके गैर जमानती बनाया जाए और केंद्र सरकार नहीं तो दिल्ली सरकार तो इसमें पहल कर सकती है।

एक्टिविस्ट डा सुनीता ठाकुर, रितु कपूर, मृगांका और आप नेता राकेश सिन्हा आदि ने महिलाओं के बढ़ते अपराध और लचर कानून पर चिंता जताई। उन्होंने संस्कारों के साथ सख्त कानून की वकालत भी की। इस मौके पर अस्मिता थिएटर ग्रुप की ओर से लड़कियों के प्रति बढ़ते अपराधों और इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता लाने को लेकर मंचन भी किया गया। कार्यकर्ताओं ने महिलाओं  के सम्मान की रक्षा की शपथ भी ली। 

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