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दिल्ली के राबिया स्कूल पहुंचे केजरीवाल, पूर्व छात्राओं ने किया विरोध

JUL 12 , 2018

फीस जमा नहीं करने को लेकर बच्चियों को बंधक बनाने की मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरूवार को पुरानी दिल्ली के राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल गए और प्रिंसिपल को भविष्य में इस तरह की घटना न दोहराए जाने की कड़ी हिदायत दी। इस दौरान पूर्व छात्राओं ने मुख्यमंत्री का विरोध किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की।

यहां केजरीवाल स्कूल प्रशासन और अभिभावकों से मिले। मुख्यमंत्री ने प्रिंसिपल को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि क्या आपको पता है कि यह कितनी बड़ी घटना है जो आपने बच्चों को फीस न देने पर रोके रखा। अगर कोई आपके खिलाफ कोर्ट चला जाता तो क्या होता। उन्होंने कहा कि हम तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे ही लेकिन साथ ही चेताया कि भविष्य में इस तरह की घटना न दोहराई जाए।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल को कड़ी चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ दिल्ली सरकार भी इस मामले की जांच करेगी।

छात्राओं ने की नारेबाजी

जब मुख्यमंत्री मीडिया से बात कर रहे थे तो स्कूल की पूर्व छात्राएं उनके खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं और स्कूल के बाहर बैनर लेकर पहुंची थीं। उन्होंने स्कूल पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चों को बंद नहीं किया गया था बल्कि बच्चों को लाइन से अलग रखा गया था।  इससे पहले स्कूल की प्रिंसिपल फराह दीबा का कहना था कि बच्चों की देखरेख के लिए बेसमेंट में दो टीचर मौजूद थे। बच्चे अक्सर उस जगह खेलते हैं और घटना के दिन बेसमेंट का पंखा रिपेयरिंग के लिए भेजा गया था।


सीएम ने मांगी रिपोर्ट

फीस जमा नहीं करने को लेकर पुरानी दिल्ली के राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में बच्चियों को 5-6 घंटे तक बेसमेंट में बंधक बनाने का आरोप है। अभिभावक जब बच्चियों को स्कूल लेने पहुंचे तो उन्हें इस बात की जानकारी हुई। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले में शिक्षा निदेशक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल हमदर्द ग्रुप के तहत चलता है और जिसकी फीस 25 सौ से 29 सौ रुपये के करीब है। कुछ अभिभावकों ने फीस न जमा कराने की बात को गलत बताते हुए कहा था कि उन्होंने एडवांस में स्कूल फीस जमा कर दी थी, बावजूद उनकी बच्चियों को सजा दी गई।


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