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मध्य प्रदेश: अटेर के बाद चित्रकूट में भाजपा की हार के मायने

NOV 12 , 2017

मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है। कांग्रेस के नीलांशु चतुर्वेदी ने भाजपा के शंकरलाल त्रिपाठी को भारी मतों से पराजित किया है। मतगणना के पहले राउंड से ही कांग्रेसी उम्मीदवार बीजेपी के मुकाबले तकरीबन 900-100 वोटों से आगे चलते रहे।

कौन हैं कांग्रेस के विजयी उम्मीदवार नीलांशु

आज चुने गए नीलांशु राजपरिवार से हैं और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके है। चित्रकूट में उनकी अपाधि 'चौबे राजा ' की है। इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद नीलांशु ने समाजसेवा के क्षेत्र में काम करते हुए  2009 में नगर पालिका अध्यक्ष चुने गए थे।

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भाजपा के लिए इस हार के मायने

बीते तीन चुनाव से कांग्रेस के प्रेम सिंह ही यहां से जीतते आ रहे थे।

इस चुनाव में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा सतना सांसद गणेश सिंह, प्रदेश के खनिज मंत्री और चित्रकूट के चुनाव प्रभारी राजेंद्र शुक्ला,  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नन्द कुमार सिंह चौहान, चुनाव प्रभारी राजेंद्र शुक्ला, सतना जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, प्रदेश भाजपा महामंत्री वी डी शर्मा की साख़ दांव पर थी।

कांग्रेस की तरफ से इस सीट पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह चौहान, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद कमलनाथ ने मोर्चा संभाल रखा था।

ऐसे तो यह सीट कांग्रेस के लिए मजबूत थी लेकिन खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सक्रियता की वजह से यहां की लड़ाई अहम हो जाती है क्योंकि अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं और शिवराज इस जीत के माध्यम से स्पष्ट संकेत देना चाहते थे कि उनकी पकड़ अब भी मजबूत है।

कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह जीत

आज की जीत में कांग्रेस सांसद सिंधिया ने ट्वीट कर चित्रकूट की जनता का आभार माना है और कांग्रेस प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं को बधाई दी है।

अटेर के बाद अब चित्रकूट की जीत से कांग्रेस का मनोबल और बढ़ेगा। वह इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस जीत को भुनाने की कोशिश करेगी।

शिवराज ने क्या कहा

वहीं प्रदेश हार को स्वीकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'चित्रकूट उपचुनाव में जनता के निर्णय को शिरोधार्य करता हूं। जनमत ही लोकतंत्र का असली आधार है। जनता के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं। चित्रकूट के विकास में किसी तरह की कमी नहीं होगी। प्रदेश के कोने-कोने का विकास ही मेरा परम ध्येय है।'

उपचुनाव

गुरुवार को यहां हुए मतदान में लगभग 62 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। आम चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी को 45 हजार 913 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के सुरेंद्र सिंह गहरवार को 34 हजार 943 वोट ही मिल पाए थे। 

आज सतना स्थित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय वेंकट क्रमांक-1 में वोटों की गिनती 14 टेबल और 19 राउण्ड में संपन्न हुई। इस चुनाव में 9 निर्दलीय सहित 12 उम्मीदवार ने उप-चुनाव लड़ा है।


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