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बीजेपी सांसद सावित्री बाई का आरोप, कहा- लोकसभा में दलित सांसदों को दिया जाता है कम समय

MAY 16 , 2018

पिछले काफी समय से अपनी ही पार्टी बीजेपा के खिलाफ मोर्चा खोले पार्टी की सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि लोकसभा में अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, जनजाति, आदिवासी समाज पर जब भी चर्चा होती है, तो हम लोगों को बहुत कम समय दिया जाता है। इसलिए बहुजन समाज के सांसद अपनी पूरी बात कह नहीं पाते हैं।

उत्तर प्रदेश के बहराइच में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में धरनास्थल पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली सावित्री बाई ने कहा, हालांकि बहुजन समाज के लोग अपनी बात कहने में पीछे नहीं हैं, बल्कि मैं ये कहूंगी कि बहुजन समाज के सांसदों को आरक्षण बचाने के लिए एकजुट होना चाहिए’।

सावित्री ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन की दी थी चेतावनी 

नमो बुद्धाय जन सेवा समिति के बैनर तले आयोजित धरने में आंदोलनकारियों को संबोधित करने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित पंद्रह सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव को सौंपा। सांसद सावित्री बाई ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।  

बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ने वालों की गिरफ्तारी जानबूझकर नहीं की

सांसद ने संबोधन की शुरुआत अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़े करते हुए की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ने वालों की गिरफ्तारी प्रशासनिक अफसरों ने जानबूझकर नहीं की है। उन्होंने जिला प्रशासन को लोकसभा में इस मुद्दे को उठाने की चेतावनी दी।

जेल में रहूं या बाहर, मैं बहुजन समाज की लड़ाई लड़ती रहूंगी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांसद ने आरक्षण को खत्म करने की साजिश पर बहुजन समाज के हितों के लिए कुर्बान होने से पीछे न हटने की बात भी कही। भाजपा सांसद ने कहा, ‘अपना हक मांगने पर मेरा पुतला फूंका जा रहा है। एक नहीं, हजार पुतला फूंका जाए, मैं डरने वाली नहीं। उन्होंने कहा, मैं बहुजन समाज के लिए हक मांगने को तैयार हूं और हमेशा रहूंगी। जब तक जिंदा रहूंगी, तब तक बाबा साहेब आंबेडकर की बात मंजिल तक पहुंचाने का प्रयास करूंगी। जेल में रहूं या बाहर, मैं बहुजन समाज की लड़ाई लड़ती रहूंगी’।

बहुजन समाज की बेटी हूं, इसलिए हमारी नहीं सुनी जा रही

सावित्री बाई ने कहा, ‘मेरे पास इतनी जमीन नहीं होगी कि मुझे दफना दिया जाए, इतना पैसा नहीं होगा कि कफन खरीद लिया जाए। फिर भी बहुजन समाज के हित के आगे कोई समझौता नहीं करूंगी। बहुजन समाज की बेटी हूं, इसलिए हमारी नहीं सुनी जा रही’।


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