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यूपी की हर नदियों में प्रवाहित होंगी वाजपेयी की अस्थियां

उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को श्रद्धांजलि दी गई। शोक में यूपी...
यूपी की हर नदियों में प्रवाहित होंगी वाजपेयी की अस्थियां

उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को श्रद्धांजलि दी गई। शोक में यूपी के लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद समेत पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और गाजियाबाद के ज्यादातर बड़े बाजार बंद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनकी अस्थियां हर जिले की पवित्र नदियों में प्रवाहित की जाएंगीं।इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन ने एक सप्ताह तक अपने सभी कार्यक्रम रद कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी ने भी जनसमस्याओं को लेकर तहसीलों पर 20 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन को टाल दिया है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के शोक में यूपी के पूर्वांचल, अवध, पश्चिमांचल, बुंदेलखंड के ज्यादातर जिलों में बाजार बंद रहे। खास बात यह है कि बाजार को किसी ने बंद नहीं कराया था, लोगों ने खुद ही दुकानें नहीं खोलीं। हालांकि कुछ जगहों पर मिला जुला असर देखने को भी मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के निधन पर राज्य में सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी। इस दौरान शुक्रवार को सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज झुके रहे। साथ ही सभी सरकारी कार्यालय और स्कूल कॉलेज समेत बैंक भी बंद रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि अटल जी के पैतृक स्थान बटेश्वर, शिक्षा क्षेत्र कानपुर, प्रथम संसदीय क्षेत्र बलरामपुर और कर्मभूमि लखनऊ में स्मृतियों को सजीव रखने के लिए विशिष्ट कार्य किए जाएंगे। साथ ही अटल जी के शोक में 18 अगस्त को नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में होने वाले कृषि कुंभ के कार्यक्रम को निरस्त कर दिया गया है।

मेरठ में हाल ही में हुई भाजपा की कार्य समिति की बैठक में अगस्त माह में कई कार्यक्रम तय किए गए थे। इसमें 17 अगस्त को तिरंगे के साथ प्रभातफेरी निकाली जानी थी। इसके अलावा महिला मोर्चा की ओर से 18 अगस्त को देशभक्ति पर आधारित कवि सम्मेलन किया जाना प्रस्तावित था। भाजपा के मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने बताया कि संगठन की ओर से होने वाले सभी कार्यक्रम एक सप्ताह के लिए रद कर दिए गए हैं।

न एक इंच जमीन और न ही कोई झोपड़ी

अटल जी की सादगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने लखनऊ में करीब 70 बरस गुजारे। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से वह हमेशा इस शहर के ही होकर रह गए, लेकिन आज तक इस शहर में उनकी न ही एक इंच जमीन है और न ही कोई झोपड़ी।

लखनऊ में जगह-जगह दी श्रद्धांजलि

अटल जी के सम्मान में लखनऊ में लोगों ने जगह-जगह श्रद्धांजलि अर्पित की। विधान परिषद समन्वय समिति ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एमएलसी दीपक सिंह, शत्रुघ्न प्रकाश, विजय बहादुर पाठक सहित पूरी समिति मौजूद रही। इसके अलावा बिल्लौचपुरा नक्खास में कुरैशी समाज ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के निधन पर जुमे की नमाज के बाद श्रद्धांजलि दी। लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से अमीनाबाद दवा बाजार में सभा कर अटल जी से जुड़ी यादों को साझा किया गया। साथ ही उनकी उपलब्धियां और देश के लिए उनके समर्पण पर विचार रखे। इसके बाद बाजार बंद कर दिया गया। इस दौरान गिरिराज रस्तोगी, हरेश शाह, सुरेश कुमार, प्रदीप जैन आदि मौजूद थे।

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