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राजनाथ सिंह का संदेश: न स्थायी दोस्त, न दुश्मन, सिर्फ़ स्थायी हित

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि दुनिया में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न स्थायी दुश्मन,...
राजनाथ सिंह का संदेश: न स्थायी दोस्त, न दुश्मन, सिर्फ़ स्थायी हित

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि दुनिया में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न स्थायी दुश्मन, केवल स्थायी हित होते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव है, वहीं हाल के महीनों में भारत-चीन संबंधों में सुधार देखने को मिला है।

एनडीटीवी डिफेंस समिट 2025 में राजनाथ ने साफ किया कि भारत की नीति, रणनीति और आत्मनिर्भरता पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हमारे किसानों और छोटे व्यापारियों का हित सबसे ऊपर है। भारत किसी को दुश्मन नहीं मानता, लेकिन अपने देश के कल्याण पर कोई समझौता नहीं कर सकता। चाहे कितना भी दबाव क्यों न आए, भारत अपने किसानों, छोटे व्यवसायियों, दुकानदारों, पशुपालकों और आम नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “भूगोल में हम पढ़ते हैं कि जितना दबाव चट्टान पर डाला जाता है, वह उतनी ही मजबूत हो जाती है। भारत पर जितना दबाव डाला जाएगा, उतना ही वह मज़बूत चट्टान बनकर उभरेगा।”

यह एक हफ्ते में दूसरी बार है जब मोदी सरकार के किसी मंत्री ने सार्वजनिक मंच से “दबाव” का ज़िक्र किया है। सोमवार को अहमदाबाद की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिना नाम लिए ट्रंप को संदेश देते हुए कहा था कि भारत किसी दबाव के आगे झुकेगा नहीं और अपनी ताकत को और बढ़ाता रहेगा।

ट्रंप प्रशासन ने 27 अगस्त से भारत पर 50% टैरिफ लागू कर दिया था, यह कहते हुए कि नई दिल्ली रूस से तेल खरीदना जारी रखकर व्लादिमीर पुतिन की “वार मशीन” को सहारा दे रहा है। इसी को लेकर भारत-अमेरिका रिश्तों में खटास आई है।

वहीं, 2020 की गलवान घाटी झड़पों के बाद पहली बार हाल के महीनों में भारत और चीन के रिश्तों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं।

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