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ईवीएम के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता वीरप्‍पा मोइली, अपनी ही पार्टी को घेरा

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने ईवीएम को लेकर देशभर में छिड़ी बहस का विरोध किया है। उन्होंने ईवीएम का समर्थन करते हुए, इसको लेकर हो रहे विरोध को बेकार बताया है। उन्होंने कहा कि हम इवीएम में हुई गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए कमेटी बना सकते हैं, लेकिन दोबारा पुरानी प्रक्रिया से चुनाव कराने का सवाल नहीं उठता।
ईवीएम के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता वीरप्‍पा मोइली, अपनी ही पार्टी को घेरा

मोइली ने कहा है कि ईवीएम का विरोध विपक्ष की निराशावादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह सभी सिर्फ क्षेत्रीय दलों की लोकलुभावन कोशिश है, हमारी पार्टी भी इसमें साथ जुड़कर हार के बहाने तलाश रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब मैं कानून मंत्री था, उस समय ईवीएम चलन में आए थे और उस समय भी इसको लेकर शिकायत आई थी, हमनें तब उसे सुलझा लिया था। यह सब पार्टी को पता है, अब जब ईवीएम के मुद्दे पर विरोध का माहौल है तो उसके साथ जुड़ जाना गलत है।

कांग्रेस पार्टी ईवीएम के मुद्दे पर अन्य 16 विपक्षी दलों के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ दायर की गई याचिका में शामिल है। मोइली ने कहा कि कांग्रेस को याचिका दायर करने में शामिल नहीं होना चाहिए था, हमसे इस बारे में कोई सलाह नहीं ली गई। सिर्फ मुद्दा गर्म है इस कारण ईवीएम का विरोध करना कांग्रेस की बड़ी भूल है।

गौरतलब है कि विधान सभा चुनावों में हारने वाले दलों जिनमें कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य दल शामिल हैं। उन्होंने अब फिर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि मशीन तैयार करते वक्त जब प्रोग्रामिंग की जाती है, उसी वक्त डाटा में गड़बड़ी की जा सकती है। तभी आगे भी मशीन गड़बड़ नतीजे दे सकती है।

वहीं, इन आरोपों पर चुनाव आयोग का कहना है कि प्रोग्रामिंग में भी गड़बड़ी मुमकिन नहीं है। ऐसा हो ही नहीं सकता कि पोलिंग एजेंट को चेक कराते वक्त मशीन दूसरा नतीजा दे और वोटिंग के समय दूसरा नतीजा दे। चुनाव आयोग ने चुनौती दी है कि ऐसे आरोप लगाने वाले अपनी बात साबित करें।

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