Home देश मुद्दे “राम मंदिर के पक्ष में कांग्रेस, मुद्दे का राजनीतिकरण करने के भाजपा के दरवाजे बंद”

“राम मंदिर के पक्ष में कांग्रेस, मुद्दे का राजनीतिकरण करने के भाजपा के दरवाजे बंद”

आउटलुक टीम - NOV 09 , 2019
“राम मंदिर के पक्ष में कांग्रेस, मुद्दे का राजनीतिकरण करने के भाजपा के दरवाजे बंद”
“राम मंदिर के पक्ष में कांग्रेस, मुद्दे का राजनीतिकरण करने के भाजपा के दरवाजे बंद”
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कांग्रेस ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। कांग्रेस ने शनिवार को जोर देकर कहा कि वह राम मंदिर निर्माण के पक्ष में है। हालांकि, पार्टी ने भाजपा पर कटाक्ष भी किया। पार्टी ने कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भाजपा द्वारा इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के सारे दरवाजे बंद हो गए हैं।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कांग्रेस अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है। हम सभी संबंधित पक्षों और सभी समुदायों से निवेदन करते हैं कि भारत के संविधान में स्थापित सर्वधर्म समभाव तथा भाईचारे के उच्च मूल्यों को निभाते हुए अमन चैन का वातावरण बनाए रखें। हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि हम सब देश की सदियों पुरानी परस्पर सम्मान और एकता की संस्कृति की परंपरा को जीवंत रखें।”

सुरजेवाला ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। हम राम मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं। इस फैसले से राम मंदिर निर्माण के न सिर्फ दरवाजे खुले हैं, बल्कि इस मुद्दे का  राजनीतिकरण करने के भाजपा के दरवाजे भी बंद हो गए हैं।” कांग्रेस नेता ने कहा कि अयोध्या मामले में शीर्ष अदालत का फैसला किसी व्यक्ति या समूह के लिए श्रेय लेने का मुद्दा नहीं है।

फैसला किसी के लिए श्रेय की बात नहीं

उन्होंने कहा, “अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी व्यक्ति, समूह, समुदाय या राजनीतिक दलों को श्रेय देने या उसके अपमान का मुद्दा नहीं है। भगवान राम का नाम किसी को बांटने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और जो भी ऐसा करता है, वह भगवान राम की परंपरा को नहीं जानता है।”

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी का हमेशा यही रुख रहा है कि इस मामले में जो भी फैसला आए, उसे स्वीकार किया जाना चाहिए और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस कार्यसमिति ने भी एक बयान में इस फैसले का स्वागत किया है। बयान में कहा गया है, “हम सभी संबंधित पक्षों और सभी समुदायों से निवेदन करते हैं कि भारत के संविधान में स्थापित सर्वधर्म समभाव तथा भाईचारे के उच्च मूल्यों को निभाते हुए अमन चैन का वातावरण बनाए रखें। हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि हम सब देश की सदियों पुरानी परस्पर सम्मान और एकता की संस्कृति की परंपरा को जीवंत रखें।”

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अयोध्या में विवादित जमीन मंदिर बनाने के लिए सरकार द्वारा संचालित ट्रस्ट को दी जाए और मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी जाए।

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