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मणिशंकर अय्यर ने मोदी को कहा नीच, मोदी का पलटवार ‘‘नीच जाति का पर काम ऊंचे किए’’

DEC 07 , 2017

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुर्की ब तुर्की जवाब देने में माहिर हैं। वहीं लगता है कि कांग्रेस के वरिष्ठ लोगों ने कसम खा ली है कि ऐन मतदान से पहले वह अपनी पार्टी को घाटा उठाने का कोई सरंजाम नहीं छोड़ेगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर 2014 के आम चुनाव से पहले मोदी को चायवाला कह चुके हैं। इस बयान का भारी विरोध हुआ था और कांग्रेस को बड़ा खामियाजा उठाना पड़ा था। पार्टी का इतना बड़ा राजनैतिक नुकसान करने के बाद भी मणिशंकर अय्यर चुप रहने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हर बार की तरह निशाना साधा मगर सीमा लांघ कर। एएनआई के मुताबिक अय्यर ने कहा, ‘मुझको लगता है, यह आदमी बहुत ही नीच किस्म का है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे मौकों पर इस किस्म की गंदी राजनीति करने की क्या आवश्यकता है?’ अय्यर ने यह बात तब कही जब परसों यानी 9 तारीख को गुजरात में प्रथम चरण के चुनाव हैं। अय्यर इस बात से नाराज थे कि मोदी ने डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर पार्टी का नाम लिए बिना हमला बोला था। उन्होंने कहा कि था कि एक परिवार के फायदे के लिए बाबा साहब के योगदानों को भुलाने की कोशिश की गई थी।

उन्होंने अपने भाषण में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन यह जरूर कहा कि बाबा साहब को भुलाने की कोशिश हुई लेकिन वे आज भी लोगों के दिल में जिंदा हैं।


अय्यर की बात का जवाब देते हुए मोदी ने कहा, कि वह भले ही नीच जाति के हैं लेकिन उन्होंने काम ऊंचे किए हैं। मोदी ने सूरत की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस का जवाब जनता बीजेपी को वोट देकर देगी।

मोदी ने यह भी कहा कि ऊंच नीच की बातें उनके संस्कार में नहीं हैं। ये सारी बातें कांग्रेस को ही मुबारक हों। आम चुनाव में प्रियंका गांधी भी मोदी पर नीच राजनीति करने का आरोप लगा चुकी हैं। चायवाला की तरह मोदी ने नीच टिप्पणी को भी लपक लिया है। अपने अंदाज में वह जनता को यह बताने से नहीं चूक रहे हैं कि यह गुजरात के बेटे का अपमान है। लगे हाथ मोदी जनता को यह बताने से भी नहीं चूके हैं कि उन्हें मौत का सौदागर तक बताया जा चुका है। मोदी ने अपनी पार्टी के किसी भी सदस्य का किसी भी फोरम पर मणिशंकर की टिप्पणी का जवाब न देने की अपील की है। 






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