Home देश भारत सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 6 से शुरू होंगे स्किल कोर्स, यह अतिरिक्त छठे विषय के रूप में होगा

सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 6 से शुरू होंगे स्किल कोर्स, यह अतिरिक्त छठे विषय के रूप में होगा

आउटलुक टीम - APR 07 , 2020
सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 6 से शुरू होंगे स्किल कोर्स, यह अतिरिक्त छठे विषय के रूप में होगा
सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 6 से शुरू होंगे स्किल कोर्स, यह अतिरिक्त छठे विषय के रूप में होगा
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आउटलुक टीम

सीबीएसई अकादमिक सत्र 2020-21 से कक्षा 6 से स्किल कोर्स शुरू करने जा रहा है। यह अतिरिक्त छठे विषय के तौर पर होगा। अभी सीबीएसई में पांच अनिवार्य विषय होते हैं। सीबीएसई के ट्रेनिंग और स्किल एजुकेशन डायरेक्टर विश्वजीत साहा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह 12 घंटे का अल्पावधि का मॉड्यूल होगा। छात्र स्कूल की सहूलियत के हिसाब से इस पर समय दे सकेंगे।

कक्षा 6 से 8 तक किसी भी साल चुन सकेंगे स्किल कोर्स

उन्होंने बताया कि छात्र कक्षा 6, 7 या 8 में से किसी में भी स्किल मॉड्यूल चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे। हर स्किल मॉड्यूल 12 घंटे का होगा। स्कूल अपनी सहूलियत के हिसाब से इसे उपलब्ध कराएंगे। स्कूलों से अकादमिक सत्र 2020-21 से कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए कम से कम एक स्किल कोर्स शुरू करने को कहा गया है। ट्रेनिंग और शिक्षकों की उपलब्धता में बोर्ड स्कूलों की मदद करेगा।

स्किल कोर्स से छात्र-छात्राओं को शुरुआती दिनों में ही ओरियंटेशन मिलेगा

साहा के अनुसार इस स्किल कोर्स से छात्र-छात्राओं को शुरुआती दिनों में ही आवश्यक ओरियंटेशन मिलेगा जिससे वह तय कर सकेंगे कि सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर पर या वोकेशनल डिग्री के लिए उन्हें कौन सा विषय चुनना है। इससे छात्रों के सामने कैरियर की अनेक संभावनाएं खुलेंगी।

सबसे अच्छे पांच विषय का है नियम

सीबीएसई की मौजूदा नीति के अनुसार अगर कोई छात्र तीन इलेक्टिव विषयों साइंस, मैथ्स और सोशल साइंस में से किसी एक में फेल होता है तो उस विषय को छठे विषय वाले स्किल सब्जेक्ट से बदल दिया जाता है। इस तरह सबसे अच्छे 5 विषय चुने जाते हैं। हालांकि अगर कोई छात्र फेल वाले विषय में दोबारा परीक्षा देना चाहता है तो वह कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकता है। साहा के अनुसार नई शिक्षा नीति 2019 के ड्राफ्ट में यह स्पष्ट लिखा गया है कि अकादमिक, वोकेशनल और फिजिकल एजुकेशन विषयों में कोई सख्त अंतर नहीं होगा। नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क से भविष्य में बोर्ड के लिए इस अंतर को हटाना आसान हो जाएगा।

लाख से ज्यादा छात्र कर रहे हैं स्किल विषयों की पढ़ाई

सीबीएसई छात्रों के सामने लिए अभी सेकेंडरी स्तर पर 17 और सीनियर सेकेंडरी स्तर पर 37 स्किल सब्जेक्ट के विकल्प होते हैं। स्किल कोर्स का उद्देश्य छात्र छात्राओं को भविष्य में अपने कैरियर का विकल्प चुनने में मदद करना है। सीबीएसई के 8,543 स्कूलों में इस समय सेकंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर पर 8 लाख से ज्यादा छात्र स्किल विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं।

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