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बारिश की चपेट में महाराष्ट्र के तटीय इलाके, कई फीट तक भरा पानी, रेस्क्यू जारी

आउटलुक टीम - JUL 22 , 2021
बारिश की चपेट में महाराष्ट्र के तटीय इलाके, कई फीट तक भरा पानी, रेस्क्यू जारी
बारिश की चपेट में महाराष्ट्र के तटीय इलाके, कई फीट भरा पानी, रेस्क्यू जारी
पीटीआई
आउटलुक टीम

महाराष्ट्र में गुरुवार को 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पश्चिमी और तटीय महाराष्ट्र में सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं विभिन्न शहरों में फंसे हजारों लोगों को निकालने के लिए बचाव दल तैनात किए गए हैं। पुणे, नासिक के अलावा ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और पश्चिमी जिलों सतारा, कोल्हापुर के तटीय जिलों में भारी बारिश हुई है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी और छोटी नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं।

भिवंडी, बदलापुर, उल्हासनगर, कल्याण, डोंबिवली, चिपलून खेड़, सावंतवाड़ी, मानगांव, कुडाल और अन्य जैसे कई शहरों में तीन से छह फीट पानी और कुछ निचले इलाकों में उच्च स्तर से भर गया है।

दुकानों, कार्यालयों, घरों और भूतल के फ्लैटों में बाढ़ का पानी घुस गया, कई बड़े और छोटे वाहन पूरी तरह से जलमग्न हो गए या बह गए। कई लोग तो घरों में पानी भरने के कारण अपने ही घर में फंस गए हैं।

राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा कि चिपलून में बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ की दो टीमों को रवाना किया गया है।

वडेट्टीवार ने कहा कि हम भारतीय तटरक्षक के हेलीकॉप्टर जल्द ही खराब इलाकों में भेज रहे हैं। रत्नागिरी से मदद के लिए आईसीजी स्पीड-बोट्स को तैनात किया गया है। प्रभावित लोगों को खाने के पैकेट और दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है? स्थिति बहुत गंभीर है और हम इस पर करीब से नजर रखे हुए हैं।

मध्य रेलवे नेटवर्क पर लंबी दूरी की ट्रेनें ठाणे, नासिक, पुणे, कोल्हापुर और अन्य हिस्सों में बाधित हो गईं हैं, साथ ही विभिन्न स्थानों पर बाढ़ वाले रेलवे ट्रैक पर ट्रेनें फंसी हुई हैं।

मध्य रेलवे के प्रवक्ता शिवाजी सुतार ने कहा कि फंसे हुए यात्रियों को राज्य बसों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया और उन्हें प्रदान की जाने वाली खानपान सेवाएं दी गईं।

पिछले 24 घंटों में कई हिस्सों में अभूतपूर्व बारिश दर्ज की गई है, सतारा में महाबलेश्वर हिलस्टेशन 480 मिमी, 45 वर्षों में सबसे अधिक, माथेरान में 330 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई, जिससे दहशत पैदा हो गई।