Home देश भारत मैनVsवाइल्डः प्रकृति पर वर्ल्ड फेमस शो में थे मोदी, हमने किसके बारे में ज्यादा जाना

मैनVsवाइल्डः प्रकृति पर वर्ल्ड फेमस शो में थे मोदी, हमने किसके बारे में ज्यादा जाना

आउटलुक टीम - AUG 13 , 2019
मैनVsवाइल्डः प्रकृति पर वर्ल्ड फेमस शो में थे मोदी, हमने किसके बारे में ज्यादा जाना
मैनVsवाइल्डः प्रकृति वर्ल्ड फेमस शो में थे मोदी, हमने किसके बारे में ज्यादा जाना
आउटलुक टीम

डिस्कवरी चैनल के कार्यक्रम मैनVsवाइल्ड के एक खास एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर आए। इसकी शूटिंग उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में की गई थी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ ऐसी बातें बताईं, जो शायद ही किसी को विस्तार से पता हों। तो आइए हम आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने मैनVsवाइल्ड में होस्ट बेयर ग्रिल्स से गुफ्तगू के दौरान ऐसी कौन-सी पांच बातें कीं, जो दर्शकों के लिए खास रहीं...

1. प्रधानमंत्री मोदी ने इस एडवेंचरस कार्यक्रम में बताया, “मैं पश्चिमी गुजरात के एक छोटी जगह से आता हूं। मैंने वहां जन्म लिया, वहीं पला-बढ़ा, पढ़ाई की और उसके बाद जनहित के कार्यों में लग गया। मैं एक सामान्य परिवार से आता हूं। हमारी माली हालत ठीक नहीं थी और मैंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की।” जब प्रधानमंत्री से बेयर ने पूछा कि क्या आप अच्छे छात्र थे, तो उन्होंने कहा, “मैं कह नहीं सकता कि मैं एक अच्छा छात्र था।”

2. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि कभी ऐसा भी था कि उनके परिवार के पास साबुन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, तो कैसे कपड़ों की सफाई करते थे। उन्होंने बताया, “हम शुष्क क्षेत्र में रहते थे। सर्दियों में ओस की बूंदें इकट्ठा हो जातीं और इन शुष्क इलाकों में नमक की एक परत बनाती थी। हम उसे इकट्ठा करते और गरम पानी में डालकर उसका इस्तेमाल डिटरजेंट यानी सर्फ के तौर पर करते थे। यहां तक कि नहाने के समय भी हम उसका इस्तेमाल करते थे।

3. प्रधानमंत्री ने अपने बचपन के बारे में बताया कि गंदे कपड़े उनके लिए सामान्य-सी बात थी, लेकिन जब स्कूल जाते तो काफी सज-धज कर जाते। उन्होंने बताया, “उस वक्त हमारे पास आयरन नहीं थे, तो उस वक्त मैं कोयला इकट्ठा करता और उसे जलाता। फिर जलते कोयले को तांबे के बरतन में रखकर स्कूल यूनिफॉर्म को आयरन किया करता था।” उन्होंने यह भी बताया कि मेरे पिता की चाय की एक छोटी-सी दुकान थी। स्कूल जाने से पहले मैं रेलवे स्टेशन जाकर चाय बेचने में उनकी मदद किया करता था।

4. प्रधानमंत्री मोदी ने छुट्टियों के बारे में भी इस दौरान बातें की। उन्होंने बताया, “मैं एक राज्य का मुख्यमंत्री था और 13 वर्षों तक उस राज्य के लिए काम किया। उसके बाद देश ने इस काम के लिए चुना (प्रधानमंत्री पद के लिए) और मैं यह कर रहा हूं। अगर मैं अपने इस अनुभव (एडवेंचर) को वैकेशन के तौर पर मानूं, तो पिछले 18 वर्षों में मैं पहली बार छुट्टी ले रहा हूं।” उन्होंने यह भी बताया कि मैं कभी यह नहीं सोचता कि मैं मुख्यमंत्री हूं या प्रधानमंत्री। मैं सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों औऱ काम के बारे में सोचता हूं।

5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन के बारे में भी बातें कीं। उन्होंने बताया, “हमलोग तालाब में नहाया करते थे और एकबार तालाब में मुझे मगरमच्छ का बच्चा मिला, तो मैं उसे घर ले गया। मेरी मां ने उसे वापस तालाब में छोड़ आने के लिए कहा, तो मैंने उसे छोड़ दिया।” 

6. प्रकृति से संबंधों के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने बचपन की एक कहानी बेयर से साझा की। उन्होंने बताया, “प्रकृति उनके जीवन का अहम हिस्सा रही है। एक बार मेरे चाचा लकड़ी बेचने का कारोबार शुरू करना चाहते थे। तब मेरे पिता की मां ने ऐसा करने से मना किया। ऐसा इसलिए कि उनका मानना था कि लकड़ियों में जान होती है। उन्होंने मेरे चाचा से कहा कि हमलोग भूखे मर जाएंगे और कठिन मेहनत करेंगे, लेकिन लकड़ियां नहीं बेचेंगे।”

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