Home देश भारत टीडीपी ने ईवीएम चोरी के आरोपी का किया बचाव, कहा- मुद्दे की अनदेखी कर रहा चुनाव आयोग

टीडीपी ने ईवीएम चोरी के आरोपी का किया बचाव, कहा- मुद्दे की अनदेखी कर रहा चुनाव आयोग

आउटलुक टीम - APR 14 , 2019
टीडीपी ने ईवीएम चोरी के आरोपी का किया बचाव, कहा- मुद्दे की अनदेखी कर रहा चुनाव आयोग
टीडीपी ने ईवीएम चोरी के आरोपी का किया बचाव, कहा- मुद्दे की अनदेखी कर रहा चुनाव आयोग
आउटलुक टीम

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और चुनाव आयोग के बीच ईवीएम का मुद्दा गरमाता जा रहा है। आयोग ने चंद्रबाबू नायडू की टीम के एक सदस्य को ईवीएम चोरी का आरोपी बताते हुए टीडीपी को चिट्ठी लिखकर इस बारे में जवाब मांगा। अब टीडीपी ने चुनाव आयोग के पत्र का जवाब दिया है, जिसमें हरि प्रसाद वेमुरु को एक  "ईवीएम चोरी का आरोपी" बताए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई है। साथ ही कहा गया है कि आयोग इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय स्थिति से बचने की कोशिश कर रहा है। राज्य में चुनाव के दौरान ईवीएम और वीवीपीएटी की कथित खराबी पर कल चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। जिसके बाद आयोग ने टीडीपी को पत्र लिखकर वेमुरु की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए।

शनिवार को चुनाव आयुक्त से मिलने आए टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू के प्रतिनिधिमंडल में हरि प्रसाद वेमुरु नाम का एक व्यक्ति भी था, जिसने कई बार ईवीएम के कामकाज के बारे में विभिन्न तकनीकी मुद्दों को उठाया। चुनाव आयोग ने चिट्ठी में टीडीपी से पूछा, 'हरि प्रसाद वेमुरु, जो 2010 में ईवीएम चोरी के आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं, टीडीपी में क्या कर रहे हैं? आयोग द्वारा टीडीपी को लिखे गए पत्र के अनुसार, वेमुरु "2010 में ईवीएम मशीन की कथित चोरी के संबंध में एक आपराधिक मामले में शामिल है, जिसके लिए एमआरए  मार्ग पुलिस स्टेशन मुंबई में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।"

आयोग के इस दावे का जवाब देते हुए, टीडीपी ने 13 अप्रैल को लिखे पत्र में कहा, "हम यह बताना चाहेंगे कि आयोग इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय स्थिति से बचने की कोशिश कर रहा है।"

वह आरोपी नहीं तकनीकी विशेषज्ञ है

इसमें कहा गया है, "चुनाव आयोग आपराधिक मामले का कारण बताते हुए उसके साथ चर्चा करने को तैयार नहीं है, जबकि कई मौकों पर वह ईवीएम पर सत्र में भाग लेता है।" इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीडीपी सांसद के रवींद्र कुमार ने एएनआई से कहा, "वह एक आरोपी नहीं है ... वह एक तकनीकी विशेषज्ञ है। वह लंबे समय से चुनाव आयोग से लड़ रहा है। कई बार उसने आयोग के सामने प्रदर्शन किया है। आयोग अपनी गलती को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। यही कारण है कि उन्होंने खुद महाराष्ट्र में ही 2010 में एक झूठा मामला दर्ज किया है। उन्हें दो दिन जेल में भी रखा गया था। वह व्यक्ति तकनीकी क्षेत्र का एक विशेषज्ञ है।"

ईवीएम की खराबी के मुद्दे पर चुनाव आयोग से मिले थे नायडू

कल, नायडू ने लोकसभा चुनावों में ईवीएम की खराबी के मुद्दे पर चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की। नायडू ने आयोग से " चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को बनाए रखने और लोकतंत्र की भावना की रक्षा करने" के लिए बैलेट पेपर प्रणाली की मांग की। 11 अप्रैल को, आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों में मतदान ईवीएम की खराबी के कारण बाधित होने के बाद, नायडू ने चुनाव आयोग से राज्य में मतदान के समय के विस्तार के लिए अनुरोध किया था ताकि तकनीकी खराबी के कारण खोए समय की भरपाई की जा सके।

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