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तूतीकोरिन हिंसा में अब तक 13 की मौत, प्लांट के विस्तार पर HC की रोक,डीएम और एसपी का तबादला

MAY 23 , 2018

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में हुई घटना में पुलिस कार्रवाई का बर्बर चेहरा सामने आया है। तूतीकोरिन में वेदांता ग्रुप की यूनिट स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने स्टरलाइट प्लांट के विस्तार पर रोक लगा दी है। गृह मंत्रालय ने भी तूतीकोरिन पुलिस फायरिंग पर तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच, राज्य सरकार ने जिले के कलेक्टर एन वेंकटेश और पुलिस अधीक्षक तिरु पी महेंद्रन का तबादला कर दिया है।

कोई एक तो मरना ही चाहिए...

पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें लोग सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इस बीच एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। वीडियो में  मौजूद एक पुलिसकर्मी पुलिस बस के ऊपर चढ़कर प्रदर्शनकारियों पर निशाना लगाता दिख रहा है। वह हाथ में घातक असॉल्ट राइफल लिया हुआ है।

समाचार एजेंसी एएनआई के द्वारा जारी वीडियो में एक आवाज सुनाई देती है जो जलियांवाला बाग की याद दिला रही है। वीडियो में तमिल भाषा में कोई कह रहा है, ‘कोई एक तो मरना ही चाहिए..इसके बाद वह पुलिसवाला राइफल से गोली चलाता है।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

कंपनी ने यहां चार लाख टन प्रति वर्ष स्टरलाइट कॉपर परियोजना के विस्तार का ऐलान किया था, जिसके खिलाफ यहां लोग बीते 100 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं जो मंगलवार को हिंसक हो गया। लोगों में इस परियोजना से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को चिंता बनी हुई है।

इसके खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय तक एक रैली निकालने का फैसला किया था। इस प्रदर्शन के दौरान सरकारी वाहनों में आगजनी और कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ की गई। बताया जा रहा है कि हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की जिसमें 11 लोग मारे गए।

जानमाल की रक्षा के लिए करनी पड़ी कार्रवाई: मुख्यमंत्री

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा कि प्रदर्शनकारी क्षेत्र में निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर कलेक्ट्रेट की तरफ जुलूस निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव ही नहीं किया , बल्कि उनके वाहनों तथा कलेक्ट्रेट में खड़े वाहनों को भी आग लगा दी। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस को लोगों के जानमाल की रक्षा के लिए अपरिहार्य परिस्थितियों में कार्रवाई करनी पड़ी क्योंकि प्रदर्शनकारी बार-बार हिंसा कर रहे थे ... पुलिस को हिंसा रोकनी थी।’’

मुख्यमंत्री ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को तीन-तीन लाख और मामूली रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।


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