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देश के इन राज्यों में फुल लॉकडाउन जैसी स्थिति, अब क्या करेंगे मोदी

आउटलुक टीम - MAY 08 , 2021
देश के इन राज्यों में फुल लॉकडाउन जैसी स्थिति, अब क्या करेंगे मोदी
देश के इन राज्यों में फुल लॉकडाउन जैसी स्थिति, अब क्या करेंगे मोदी
आउटलुक टीम

देश अभी कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है और लगातार मामलों में इजाफा हो रहा है। फिलहाल इससे कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।  पिछले 24 घंटों में 4,172 मौतें दर्ज की गई हैं, जो देश में महामारी शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा है। देश में अब तक 2.18 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं।

लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए कुछ राज्यों ने पूर्ण लॉकडाउन तो कुछ राज्यों में आंशिक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य हैं जिन्होंने वीकेंड लॉकडाउन और रात के कर्फ्यू जैसे अतिरिक्त उपायों के साथ सख्त पाबंदियां लगाई हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन राज्यों ने क्या कदम उठाए हैं। हालाकि हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को लॉकडाउन जैसे कदमों पर विचार करने के लिए कहा है लेकिन सरकार क्या कदम उठाती है, इसका पता तो बाद में ही चलेगा। आइए, बताते हैं राज्यों में लॉकडाउन और पाबंदियां के बारे में,

तमिलनाडुः मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को राज्य में पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है। यह 10 मई से शुरू होकर 24 मई तक चलेगा। शनिवार को राज्य में 26 हजार से अधिक मामले आने के बाद तमिलनाडु की नई सरकार ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन को "अपरिहार्य कारणों" के कारण लागू किया जा रहा है और यह निर्णय शुक्रवार को जिला कलेक्टरों के साथ हुई एक समीक्षा बैठक में प्राप्त इनपुट के आधार पर लिया गया।  इसके अलावा चिकित्सा विशेषज्ञों से भी सलाह ली गई।

कर्नाटकः हाल के दिनों में जिन राज्यों में सबसे अधिक संक्रमण के मामले दर्ज हुए हैं, उनमें कर्नाटक भी शामिल है। लगातार बढ़ रहे कोरोना केसेस के बीच संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को 10 मई से 24 मई तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की। सुबह 6 से 10 बजे तक आवश्यक सामानों की खरीददारी के लिए छूट दी गई है।

केरलः राज्य के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने राज्य में लॉकडाउन की घोषणा कर दी। 8 मई से शुरू हुआ लॉकडाउन 16 मई तक जारी रहेगा। इससे पहले लगाए गए प्रतिबंध से कोरोना के मामलों में कमी नहीं आई। 3.75 लाख से अधिक सक्रिय मामलों के साथ केरल देश में तीसरे नंबर पर है। वहीं पॉजिटिविटी रेट भी 26 प्रतिशत से अधिक है। स्थिति को देखते हुए, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर टैंकरों, पीएसए संयंत्रों, ऑक्सीजन कंसट्रेटर व वेंटिलेटर की मांग है।

राजस्थानः राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए राज्य में 10 मई से लेकर 24 मई तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है। तेजी से बढ़ते मामलों के चलते शादियों पर भी 31 मई तक के लिए पाबंदी लगा दी गई है। राजस्थान में शुक्रवार को 18,231 नए मामले सामने आएं जबकि 164 मौतें हो गईं।

बिहारः अप्रैल के मध्य के बाद बिहार में कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिली। राज्य में रिकॉर्ड मामले दर्ज होने लगे। जिस परके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 04 मई से लेकर 15 मई तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी। हालांकि 50 लोगों के साथ विवाह कार्यक्रम को अनुमति दी गई है। इस बीच पटना हाई कोर्ट ने भी लॉकडाउन लगाने के लिए कहथा। बिहार ने पिछले 24 घंटों में 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि 13, 00 0 नए मामले सामने आए।

दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी में अप्रैल के महीने में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़े। स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देख मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 19 अप्रैल से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया, जिसे बढ़ाकर 10 मई तक कर दिया गया है। पहली बार लॉकडाउन की घोषणा के बाद इसे अभी तक तीन बार बढ़ाया जा चुका है।

महाराष्ट्रः देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। यहां पर 05 अप्रैल से ही लॉकडाउन जैसी पाबंदियां जारी हैं, जिसे बढ़ाकर 15 मई तक कर दिया गया है। हालांकि राज्य में और खासकर राजधानी मुंबई में मामलों में कमी दर्ज हो रही है।

पंजाबः राज्य में वीकेंड लॉकडाउन और रात के कर्फ्यू जैसे उपायों के अलावा कई पाबंदियां लगाई हैं। नाइट कर्फ्यू  15 मई तक लागू रहेगा। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को राज्य में पूर्ण लॉकडाउन से इनकार कर दिया।

उत्तर प्रदेशः राज्य में 10 मई तक वीकेंड लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। इस दौरान पूर्ण रूप से बंदी रहेगी, लेकिन जरूरी चीजों की दुकानें व जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी।

मध्य प्रदेशः 15 मई तक राज्य में कोविड -19 कर्फ्यू का विस्तार करते हुए, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लोगों से जनता के कर्फ्यू का पालन करने और वायरस के प्रसार को तोड़ने का आह्वान किया। चौहान ने आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कोविड -19 के लिए गरीबों और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त इलाज की भी घोषणा की।

हरियाणाः राज्य में एक सप्ताह के लॉकडाउन की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 03 मई से लेकर 10 मई तक के पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया है। इससे पहले राज्य के 10 जिलों में वीकेंड कर्फ्यू का ऐलान हुआ था।

ओडिशाः राज्य में 14 दिन का लॉकडाउन है। यह 05 मई को शुरू हुआ था और 19 मई तक जारी रहेगा।

गोवाः राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को राज्यव्यापी कर्फ्यू का ऐलान किया। यह 09 मई से लेकर 23 मई तक जारी रहेगा। यह फैसला तब लिया गया जब राज्य में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 30 हजार को पार कर गई।

छत्तीसगढ़ः राज्य में मंगलवार को एक बार फिर लॉकडाउन 15 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया। रायपुर और दुर्ग जिला, जहां संक्रमण कुछ हद तक नियंत्रण में है, इस वजह से इन दोनों जिलों में अतिरिक्त छूट दी गई है।

पुडुचेरीः यहां दस मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है।

जम्मू-कश्मीरःप्रशासन ने श्रीनगर, बारामूला, बडगाम और जम्मू जिलों में छह मई तक लॉकडाउन बढ़ाया है। सभी 20 जिलों के निगम/शहरी स्थानीय निकाय सीमा में नाइट कर्फ्यू जारी है।

मिजोरमःआइजोल एवं अन्य जिला मुख्यालयों में तीन मई से आठ दिनों का लॉकडाउन गया है।

गुजरातः 29 शहरों में रात्रि कर्फ्यू जारी है। इसके अलावा आवाजाही एवं सार्वजनिक स्थलों पर एकत्रित होने से मनाही है।

पश्चिम बंगालः पिछले हफ्ते हर तरह की सभाओं पर प्रतिबंध सहित व्यापक पाबंदियां लगाई गईं।

असमः रात्रि कर्फ्यू को रात आठ बजे से सुबह छह बजे किया गया जिसमें बुधवार से सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित। नाइट कर्फ्यू 27 अप्रैल से सात मई तक लागू है।

तमिलनाडुः 20 मई तक सभी राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर रोक सहित व्यापक पाबंदियां लगाई हैं।

आंध्र प्रदेशः छह मई से दो हफ्ते के लिए दोपहर 12 बजे से सुबह छह बजे तक आंशिक कर्फ्यू की घोषणा की गई है। राज्य में पहले नाइट कर्फ्यू लगा था।

तेलंगानाः यहां आठ मई तक नाइट कर्फ्यू जारी है। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार लॉकडाउन लगाने पर विचार नहीं कर रही है, क्योंकि इससे आम लोगों को परेशानी होगी साथ ही अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले के अनुभव बताते हैं कि लाकडाउन कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में प्रभावी नहीं है।

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