Money being taken by hospital staff for postmortem of victims of Varanasi flyover collapse incident : Outlook Hindi
Home » देश » सामान्य » वाराणसी पुल हादसे के बाद सौदेबाजी, एक शव के बदले 200 रुपये मांगने का आरोप

वाराणसी पुल हादसे के बाद सौदेबाजी, एक शव के बदले 200 रुपये मांगने का आरोप

MAY 16 , 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार शाम को कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में जहां प्रशासन राहत कार्य और बचाव में जुटी है। वहीं, इसी बीच एक शर्मनाक खबर सामने आई है।

दरअसल, इस घटना के कुछ घंटे बाद वाराणसी पुल हादसे में मारे गए लोगों के शवों के पोस्टमार्टम के लिए अस्पतालकर्मी ने 200 रुपये की मांग की, जिसके बाद अस्पतालकर्मी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर भी दर्ज की है।

वाराणसी के एसएसपी आरके भारद्वाज ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि मीडिया के जरिए पुलिस को जानकारी मिलने के बाद इस घटना में अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

ये शर्मनाक खबर सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज

आरके भारद्वाज ने कहा कि हमने एफआईआर दर्ज की है और सफाई कर्मचारी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की मॉर्चरी में तैनात सफाई कर्मचारी ने मृतकों के परिजनों को शव देने के एवज में 200 रुपये की मांग की, जिसके बाद आक्रोशित परिजन भड़क गए।

अस्पताल के सफाई कर्मचारी ने की 200 रुपये की मांग 

मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने सफाई कर्मचारी का 200 रुपये की मांग करने वाला वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में डीएम योगेश्वर राम मिश्रा तुरंत एक्शन लेते हुए सफाई कर्मचारी बनारसी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मंगलवार को हुआ ये हादसा

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार को वाराणसी कैन्ट रेलवे स्टेशन के इलाके के पास फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरने से 18 लोगों की मौत हो गई। फ्लाईओवर गिरने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री नीलकंठ तिवारी को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है और घटना की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।


अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या
एपल स्टोर से

Copyright © 2016 by Outlook Hindi.