Home » देश » सामान्य » बागपत में बोले मोदी, सरकार गन्ना किसानों की दिक्कतों के प्रति संवेदनशील

बागपत में बोले मोदी, सरकार गन्ना किसानों की दिक्कतों के प्रति संवेदनशील

MAY 27 , 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि मैं यहां के गन्ना किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार उनकी दिक्कतों के प्रति संवेदनशील है और बहुत कड़ाई के साथ गन्ना किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। समझा जा रहा है कि मोदी ने ये बातें कैराना में हो रहे लोकसभा के उपचुनाव को ध्यान में रखकर की हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी का मुकाबला रालोद प्रत्याशी से है।

उन्होंने कहा कि यहां के गन्ना किसानों के लिए भी हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पिछले वर्ष ही हमने गन्ने का समर्थन मूल्य लगभग 11 प्रतिशत बढ़ाया था। इससे गन्ने के पांच करोड़ किसानों को सीधा लाभ हुआ था। इथेनॉल से जुड़ी पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए अब पेट्रोल में इथेनॉल की 10 प्रतिशत ब्लेन्डिंग को भी स्वीकृति दी जा चुकी है

मोदी ने कहा कि गन्ना किसानों को चीनी मिलों से बकाया मिलने में देरी न हो, इससे जुड़ा एक बड़ा फैसला हाल में लिया गया है। सरकार ने तय किया है कि प्रति क्विंटल गन्ने पर पांच रुपये 50 पैसे की आर्थिक मदद चीनी मिलों को दी जाएगी। लेकिन हमें पता है कि इसमें किस तरह का खेल होता है, इसलिए ये राशि चीनी मिलों को न देकर सीधे गन्ना किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इससे गन्ना किसानों का पैसा चीनी मिलों में फंसेगा नहीं।

मोदी ने कहा कि खेत से निकलकर बाजार तक पहुंचने से पहले किसानों की उपज बर्बाद न हो, इसके लिए छह हजार करोड़ रुपए के निवेश वाली प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना पर काम किया जा रहा है। ये योजना पश्चिम यूपी के आलू पैदा करने वाले किसानों की भी मदद करेगी।

अफवाह पर ध्यान न दें किसान

पीएम देश के किसानों से अपील की कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें बल्कि जो अफवाह फैलाए उसकी शिकायत प्रशासन से करें। उन्होंने कहा कि मैं तो सुन रहा हूं कि अब किसानों के बीच भी एक झूठ फैलाया जा रहा है कि जो किसान खेत ठेके पर या बंटाई पर देगा, उससे 18 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा। यह सरासर अफवाह है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ग्रामोदय से भारत उदय की अवधारणा पर काम कर रही है। जब हम ग्रामोदय की बात करते हैं तो उसका केंद्र बिंदु मेरे देश का अन्नदाता, मेरा किसान है। इस वर्ष बजट में गांव और खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। मोदी ने कहा कि इसके अलावा यूरिया की सौ प्रतिशत नीम कोटिंग, प्रधानमंत्री सिंचाई परियोजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में विस्तार से भी किसान को लाभ पहुंचा है। किसान को लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य भी हमारी सरकार ने सुनिश्चित करना तय किया है।

दलितों पर अत्याचार के कानून को और कड़ा किया

मोदीने कहा कि दलितों और पिछड़ों के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए बीते चार वर्षों में एक के बाद एक कई कदम उठाए गए हैं। चाहे वो स्वरोज़गार हो या फिर सामाजिक सुरक्षा, आज अनेक योजनाएं इस दिशा में काम कर रही हैं। मोदी ने कहा कि दलित और पिछड़े भाई-बहनों के लिए अवसरों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए भी बीते चार वर्षों में कई काम किए गए हैं। दलितों पर अत्याचार के कानून को हमने और कड़ा किया है। दलितों के अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए विशेष कोर्ट का  का गठन किया जा रहा।

सरकार ने पिछड़ी जातियों के सब-कैटेगराइजेश के लिए कमीशन के गठन का निर्णय भी किया है। सरकार चाहती है कि ओबीसी  समुदाय में जो अति पिछड़े हैं, उन्हें सरकार और शिक्षण संस्थाओं में तय सीमा में रहते हुए आरक्षण का और ज्यादा फायदा मिले।

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रही प्रदूषण की समस्या पर चिंता जताई

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रही प्रदूषण की समस्या पर गहरी चिंता जताई है। रविवार को बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद कहा कि इस इलाके में सिर्फ जाम की ही समस्या नहीं है, प्रदूषण की भी एक बड़ी समस्या है। जो साल दर साल और विकराल रूप लेती जा रही है। प्रदूषण की समस्या का एक कारण दिल्ली में आने-जाने वाली गाड़ियों और लंबे ट्रैफिक जाम हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के चारों ओर एक्सप्रेसवे का एक घेरा बनाने का बीड़ा उठाया। ये दो चरणों में बनाया जा रहा है। इसमें से एक चरण यानी में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का थोड़ी देर पहले लोकार्पण किया गया है।

जीवन स्तर उठाने में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका

मोदी ने कहा कि इतना स्नेह तब होता है, जब सेवक से उसका विधाता खुश हो। आज भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के चार साल पूरे होने पर आपका ये प्रधानसेवक फिर आपके सामने नतमस्तक है। सवा सौ करोड़ देशवासियों का जीवन स्तर ऊपर उठाने में देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। यही सबका साथ, सबका विकास का रास्ता है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर जात-पात, पंथ-संप्रदाय, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब में भेद नहीं करता। इससे सबके लिए बराबरी के अवसर पैदा होते हैं। इसलिए हमारी सरकार ने हाईवे, रेलवे, एयरवे, वॉटरवे, आईवे और बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक ध्यान दिया।

पीएम ने कहा कि बीते चार वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर 28 हज़ार किलोमीटर से अधिक के नए हाईवे बनाए चुके हैं। चार वर्ष पहले तक जहां एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे, आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे बनाए जा रहे हैं। इस वर्ष के बजट में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत पांच लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत लगभग 35 हज़ार किलोमीटर हाईवे बनाए जा रहे हैं।


अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या
एपल स्टोर से

Copyright © 2016 by Outlook Hindi.