Home देश सामान्य गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए उत्तर प्रदेश के किसान 11 दिसम्बर को रास्ता जाम करेंगे

गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए उत्तर प्रदेश के किसान 11 दिसम्बर को रास्ता जाम करेंगे

शशिकांत जायसवाल - DEC 08 , 2019
गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए उत्तर प्रदेश के किसान 11 दिसम्बर को रास्ता जाम करेंगे
गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए उत्तर प्रदेश के किसान 11 दिसम्बर को रास्ता जाम करेंगे

उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य बड़ा मुद्दा बनने की राह पर है। लगातार दूसरी साल गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न किए जाने पर नाराज किसानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की बात कही है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने 11 दिसम्बर को प्रदेश भर में रास्ता जाम करने का ऐलान किया है। गन्ना मूल्य में वृद्धि न करने और बकाए भुगतान पर यह आंदोलन किया जाएगा। भाकियू की मांग है कि गन्ने का मूल्य 450 रुपए कुंतल किया जाए।

मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई

राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2019-20 के लिए गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) शनिवार रात घोषित किया गया। पिछले साल की तरह इस साल भी अगैती प्रजाति के लिए 325, सामान्य प्रजाति के लिए 315 और अनुपयुक्त प्रजाति के लिए 310 रुपए प्रति कुंतल गन्ना मूल्य निर्धारित किया गया है।

लागत में भार वृद्धि से किसान परेशान- भाकियू

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ‘आउटलुक’को बताया कि यह सरकार किसानों को आत्महत्या के रास्ते पर ले जा रही है। पिछले तीन वर्षों से गन्ना उत्पादन लागत में काफी वृद्धि हुई है। शाहजहांपुर शुगर केन इंस्टीट्यूट ने भी उत्पादन लागत 300 प्रति क्विंटल की है। लेकिन सरकार द्वारा इस वर्ष भी कोई वृद्धि न करके किसान हितों पर कड़ा प्रहार किया है। शुगर मिल मालिकों को संरक्षित करने के लिए सरकार किसानों का गला घोंट रही है। पिछले तीन वर्षों में गन्ने की रिकवरी साढे आठ फीसदी से बढ़कर 11.30 प्रतिशत तक हुई है, जिसका सारा लाभ मिल मालिकों को मिल रहा है। किसान ने अपने प्रयास से रिकवरी में वृद्धि की है, जिसका लाभ किसान को मिलना चाहिए था, लेकिन इसका लाभ भी सरकार द्वारा पूंजीपतियों को दिया जा रहा है।

गन्ने की होली जलाएंगे किसान

आज गन्ना किसान तमाम समस्याओं से ग्रस्त है। उन्हें समय से पर्ची नहीं मिल पा रही हैं और किसानों का बेसिक कोटा भी कम कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में किसानों द्वारा गन्ने की फसल को लंबे समय तक कर पाना संभव नहीं है। गन्ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। सरकार द्वारा पशुओं से  फसलों के संरक्षण के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। ऐसी स्थिति में भारतीय किसान यूनियन चुप बैठने वाली नहीं है। 11 तारीख को भारतीय किसान यूनियन सभी गन्ना पैदा करने वाले जिलों में रास्ते जाम कर अपना विरोध प्रकट करेगी। यह आंदोलन क्रमवार तब तक चलता रहेगा, जब तक गन्ना किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता। प्रदेश में जाम लगाकर 11 दिसम्बर को गन्ने की होली जलाई जाएगी।

प्रियंका गांधी ने कहा- राज्य सरकार किसान विरोधी

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने के रेट में भी किसान की नहीं सुनी। किसान संगठन गन्ने के लिए चार सौ रुपए प्रति क्विंटल की मांग कर रहे थे। यूपी सरकार ने पिछले साल से एक भी रुपया नहीं बढ़ाया। किसानों का गन्ने का हजारों करोड़ भुगतान बकाया है। भाजपा सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है।

किसानों की मांग के लिए लड़ेगी कांग्रेस

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ‘आउटलुक’को बताया कि गन्ना किसानों की मांग को पार्टी सड़क से लेकर सदन तक में लड़ेगी। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जल्द ही रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों से सांठगांठ कर अपना स्वार्थ पूरा कर रही है। इससे स्पष्ट है कि सरकार किसान विरोधी है।

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