Home देश सामान्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था साधारण गणित, इसमें कोई बड़ी बात नहीं: चिदंबरम

5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था साधारण गणित, इसमें कोई बड़ी बात नहीं: चिदंबरम

आउटलुक टीम - JUL 11 , 2019
5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था साधारण गणित, इसमें कोई बड़ी बात नहीं: चिदंबरम
5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था साधारण गणित, इसमें कोई बड़ी बात नहीं: चिदंबरम
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आउटलुक टीम

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदम्बरम ने कहा है कि पांच साल में भारतीय अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर यानी 5 लाख करोड़ डॉलर की हो जाना साधारण गणित है। यह कोई बड़ी बात नहीं है इसलिए हवाई बातें करने से अच्छा है जमीन पर आ जाएं। उन्होंने कहा कि हर 6-7 साल में अर्थव्यवस्था डबल हो जाती है। स्वाभाविक रूप से ऐसा हो जाएगा। यह साधारण गणित है, इसमें बड़ी बात क्या है। साथ ही उन्होंने बजट में आंकड़ों की कमी की आलोचना की।

5 ट्रिलियन डॉलर कोई चंद्रयान नहीं है

उन्होंने कहा कि 5 ट्रिलियन डॉलर कोई चंद्रयान लॉन्च करने जैसी बात नहीं है। यह बहुत ही साधारण गणित है। राज्यसभा में चिदंबरम ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा, 'साल 1991 में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 325 अरब डॉलर का था, साल 2003-04 में यह डबल होकर 618 अरब डॉलर का हो गया। अगले चार साल में यह फिर डबल हो गया 1.22 ट्रिलियन डॉलर तक। सितंबर 2017 तक यह फिर डबल हो गया 2.48 ट्रिलियन डॉलर तक। यह फिर डबल हो जाएगा अगले पांच साल में। इसके लिए किसी प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री की जरूरत नहीं है। यह कोई साधारण साहूकार भी जानता होगा। इसमें बड़ी बात क्या है।'

अर्थव्यव्यवस्था की स्थिति कमजोर’

उन्होंने कहा कि नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 12 फीसदी के आसपास है, इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं है कि अगले पांच साल में अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर का आकार छू ले। उन्होंने कहा कि इससे भी बड़ी बात यह है कि अर्थव्यवस्था कमजोर है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इसको संभालने के लिए साहसी कदम उठाएंगे। वे संरचनात्मक सुधार करेंगे, निवेश को बढ़ाने का उपाय करेंगे। भारत की जीडीपी ग्रोथ को इस साल 8 फीसदी और आगे 10 फीसदी तक ले जाने की कोशिश करेंगे।

लोगों की बचत बढ़ाने का बजट में कोई उपाय नहीं

पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि इस बार के बजट में लोगों की बचत बढ़ाने का कोई उपाय नहीं दिख रहा है, फिर भला विकास कैसे होगा।

उन्होंने कहा, 'सरकार ने निवेश और निर्यात को विकास के लिए सबसे जरूरी बताया है। लेकिन आपने परिवारों की बचत के लिए इस बजट में कोई उपाय किए नहीं है और इससे मध्यम वर्ग को काफी नुकसान होने वाला है। अगर परिवारों में बचत नहीं बढ़ेगी तो घरेलू बचत को आप कैसे बढ़ाएंगे। घरेलू बचत नहीं बढ़ेगी तो घरेलू निवेश भी नहीं बढ़ेगा, ऐसे में 8 फीसदी विकास दर कहां से लाएंगे।'

बेरोजगारी पर दिया उदाहरण

चिदंबरम ने देश में बेरोजगारी की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे सिर्फ एक उदाहरण से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि 62,907 खलासी की पोस्ट के लिए 82 लाख लोगों ने अप्लाई किया। इनमें से 4,19,137 लोग बीटेक ग्रैजुएट हैं और 40,751 लोगों ने इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर रखा है। ये आपकी अर्थव्यवस्था है। असलियत को देखते हुए आपको बोल्ड होना चाहिए। सरकार के पास इतना बड़ा बहुमत है। लोकसभा में 303 सीटें हैं। डॉ. मनमोहन सिंह और हम बात करते हैं कि हम कहते हैं कि काश हमें भी ऐसा जनादेश मिला होता है।

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