Home देश सामान्य लेडी कॉन्स्टेबल के विवादित भाषण पर सीआरपीएफ की सफाई, कहा- हम करते हैं मानवाधिकार का सम्मान

लेडी कॉन्स्टेबल के विवादित भाषण पर सीआरपीएफ की सफाई, कहा- हम करते हैं मानवाधिकार का सम्मान

आउटलुक टीम - OCT 08 , 2019
लेडी कॉन्स्टेबल के विवादित भाषण पर सीआरपीएफ की सफाई, कहा- हम करते हैं मानवाधिकार का सम्मान
लेडी कॉन्स्टेबल के विवादित भाषण पर सीआरपीएफ की सफाई, कहा- हम करते हैं मानवाधिकार का सम्मान
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आउटलुक टीम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की तरफ से आयोजित एक बहस में महिला कॉन्स्टेबल खुशबू चौहान का विवादित भाषण वायरल हो रहा है। उनके इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सीआरपीएफ को सफाई देनी पड़ी।

दरअसल, सीआरपीएफ कांस्टेबल खुशबू चौहान ने कहा, ‘उस देशद्रोही ने कहा था कि तुम एक अफजल को मारोगे तो हर घर से अफजल निकलेगा तो मैं भारत की बेटी अपनी भारतीय सेना की ओर से आज यह ऐलान करती हूं कि उस घर में घुसकर मारेंगे, जिस घर से अफजल निकलेगा। वो कोख नहीं पलने देंगे जिस कोख से अफजल निकलेगा। उन्होंने जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के सीने पर तिरंगा गाड़ने की बात भी कही।

उन्होंने मानवाधिकारों की दुहाई देने वालों को कहा, ‘जब पुलवामा में 44 जवान शहीद हुए, जब छत्‍तीसगढ़ में 76 जवान शहीद हुए तो कोई भी मानवाधिकार की दुहाई देने वाला हमारे पक्ष में नहीं आया, लेकिन जब जेएनयू में जब दे्शद्रोही द्वारा ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे देशविरोधी नारे लगते हैं तो सभी मानवाधिकार प्रेमी वहां पहुंच जाते हैं।‘

सीआरपीएफ ने दी सफाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले पर CRPF ने बयान जारी करते हुए कहा कि हमारी एक महिला कांस्टेबल का भाषण वायरल हो रहा है। इसकी कुछ लोग प्रशंसा कर रहे हैं और कुछ इसकी निंदा कर रहे हैं। यह भाषण 27 सितंबर 2019 को एनएचआरसी सीएपीएफ वाद-विवाद प्रतियोगिता 2019 में दिया गया था। इसमें विषय था आतंकवाद और देश में मिलिटेंसी से मानवाधिकारों का पालन करते हुए कैसे प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। सीएपीएफ ने हर संगठन के दो वक्ताओं को बोलने का मौका दिया था। जिसमें से एक को पक्ष में और एक को विपक्ष में बोलना था। उन्होंने सीआरपीएफ का प्रतिनिधित्व किया और विपक्ष में बात की। वीडियो सीआरपीएफ ने आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया है।

हम मानवाधिकारों का करते हैं सम्मान

सीआरपीएफ की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि हम सीआरपीएफ में मानवाधिकारों का बिना शर्त सम्मान करते हैं। उन्हें इस प्रस्ताव के खिलाफ बोलने के लिए कहा गया और उन्होंने भाषण दिया लेकिन कुछ बातें नहीं कहनी चाहिए थी। उन्हें उचित सलाह दी गई है। हम सीआरपीएफ के लिए सम्मान और चिंता की सराहना करते हैं।

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