Advertisement

सदाबहार सौंदर्य पाना है तो गोमूत्र, गोबर का इस्तेमाल करें : गौसेवा बोर्ड

गायों के संरक्षण के अपने प्रयास के तहत गुजरात गौसेवा एवं गौचर विकास विकास बोर्ड ने महिलाओं से कहा है कि वे रसायनिक सौंदर्य प्रसाधनों को त्यागें और अपने सौंदर्य को सदाबहार बनाने के लिए गोमूत्र, गोबर और दुग्ध उत्पादों का इस्तेमाल करें जैसे कि मिस्र की महारानी क्लियोपेट्रा किया करती थीं।
सदाबहार सौंदर्य पाना है तो गोमूत्र, गोबर का इस्तेमाल करें : गौसेवा बोर्ड

बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आरोग्य गीता नाम से एक विस्तृत परामर्श प्रकाशित किया है जिसके अनुसार महिलाओं की त्वचा निखारने के लिए पंचगव्य (गोमूत्र) दुनिया की सर्वश्रेष्ठ औषधि है। इसमें महिलाओं को कील-मुंहासे से मुक्ति पाने, बाल झड़ने जैसी समस्याओं के समाधान के लिए गोमूत्र इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

बोर्ड ने अपने इस परामर्श में कहा, साबुन, क्रीम और पाउडर जैसे सौंदर्य उत्पाद रसायनों से बने होते हैं जो आखिरकार त्वचा से स्वाभाविक निखार गायब कर देते हैं। दुनिया में पंचगव्य से बेहतर कोई औषधि नहीं है। गाय के दूध, घी, मूत्र और गोबर के इस्तेमाल से स्वाभाविक निखार आएगा। अपने दावों की जोरदार पैरवी करते हुए बोर्ड ने मिस्र की महारानी क्लियोपेट्रा की मिसाल भी दी। उन्होंने कहा, गोमूत्र के इस्तेमाल से आंख के नीचे काले धब्बे और कील-मुहांसो को हटाया जा सकता है। पंचगव्य के चेहरे संबंधी उपचार से आपको स्थायी सुंदरता और निखरी त्वचा मिलेगी। मिस्र की महरानी क्लियोपेट्रा दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला थी। वह दूध में नहाया करती थीं। हालांकि बोर्ड ने इस बात को स्पष्ट नहीं किया है कि मिस्र की महारानी जिस दूध में नहाती थीं वह गाय का होता था या नहीं। बोर्ड के अध्यक्ष वल्लभ कथीरिया ने कहा कि यह सिर्फ उदाहरण दिया गया ताकि महिलाओं को गोमूत्र, गोबर और दूध के फायदों के बारे में समझाया जा सके।

परामर्श में दावा किया गया है कि महिलाओं को प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करने के साथ ही गौमूत्र से कैंसर, अस्थमा, पक्षाघात, एड्स और दिल की बीमारियों सहित लगभग सभी बड़ी बीमारियों को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

भाषा

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad