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कन्हैया सहित 10 छात्रों पर ऐसे तैयार हुई 1200 पन्नों की चार्जशीट, 2016 से ऐसे चला मामला

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में 9 फरवरी 2016 को देशविरोधी नारे लगाए जाने के मामले में दिल्ली...
कन्हैया सहित 10 छात्रों पर ऐसे तैयार हुई 1200 पन्नों की चार्जशीट, 2016 से ऐसे चला मामला

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में 9 फरवरी 2016 को देशविरोधी नारे लगाए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को स्पेशल सेल कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान समेत 10 छात्रों पर राजद्रोह का आरोप लगा है। जेएनयू में 2016 में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में पुलिस ने सोमवार को 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। 

1200 पेज की इस चार्जशीट को पुलिस ने एक बक्से में भरकर अदालत में पेश किया। सुनवाई शुरू होने से पहले दिल्ली पुलिस चार्जशीट को एक बक्से में लेकर पटियाला हाई कोर्ट में पहुंची। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार्जशीट करीब 1200 पेजों की है। कन्हैया और अन्य 9 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अभी तक की तफ्तीश में पुख्ता सबूत जुटाए हैं। इन्हीं सभी दस्तावेजों को लेकर लोहे के एक बक्से में लेकर पुलिस अदालत पहुंची।

आइए जानते हैं पूरा मामला कि कब-क्या हुआ

- 9 फरवरी 2016 को दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसे सांस्कृतिक कार्यक्रम का नाम दिया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर देशविरोधी नारे लगाए गए। साथ ही कार्यक्रम के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वहीं छात्रों के गुटों में मारपीट भी हुई।

- 11 फरवरी को भारत विरोधी नारों का वीडियो मीडिया में चलने लगा, जिसके बाद दिल्ली के वसंतकुंज थाने में धारा 124A के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया।

- 12 फरवरी को तत्कालीन जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को दिल्ली पुलिस के जरिए गिरफ्तार किया गया। वहीं, उमर खालिद अंडरग्राउंड हो गए। साथ ही वीडियो के आधार पर अन्य का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया।

- 15 फरवरी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान कुछ वकीलों ने कन्हैया कुमार और कुछ पत्रकारों की पिटाई कर दी।

- 21 फरवरी को सभी फरार छात्र जेएनयू पहुंच गए।

- 24 फरवरी 2016 को दिल्ली पुलिस ने अर्निबान भट्टाचार्य और उमर खालिद को अरेस्ट कर लिया।

- 27 फरवरी को देशद्रोह के मामले को स्पेशल कोर्ट भेज दिया गया।

- 2 मार्च को 10 हजार रुपये के बॉन्ड पर कन्हैया कुमार को अंतरिम जमानत मिल गई।

- 3 मार्च को कन्हैया को दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया

- जून 2016 को जांच में पाया गया कि देश विरोधी नारों का वीडियो असली है। वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई है।

- अप्रैल 2017 को जेएनयू के 31 छात्रों को समन भेजकर पुलिए ने पूछताछ की।

- 14 जनवरी 2019 को मामले में कन्हैया-अमर समेत 10 छात्रों के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई।

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