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आतंकवाद से निपटने में साथ आए अमेरिका- सुषमा स्वराज

भारत और अमेरिका ने ऊर्जा, कारोबार और वित्त के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ ही आतंकवाद के खतरों से निपटने में एक-दूसरे के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया है। भारत- अमेरिका सामरिक एवं वाणिज्यिक वार्ता मंगलवार को ये मुद्दे दोनों देशों की ओर से उठाए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस वार्ता में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन एवं अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जॉन केरी एवं सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स पेनी प्रित्ज्कर शामिल हुए। इसमें मंत्रियों के आलावा दोनों देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भी हिस्सा लिया।
आतंकवाद से निपटने में साथ आए अमेरिका- सुषमा स्वराज

इस मौके पर सुषमा स्वराज ने आतंकवाद से निपटने में आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। केरी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ रहे हैं। जल्द ही अमेरिका एक साइबर फ्रेमवर्क तैयार करेगा, जिससे दोनों देश विश्वस्तर पर साइबर खतरों से निपटेंगे। सुषमा स्वराज ने कहा कि जिस तरह से क्षेत्रीय और वैश्विक हालात बन रहे हैं, भारत चाहता है कि अफगानिस्तान और अफ्रीका के साथ कई मुद्दों पर बहुस्तरीय बातचीत हो। उन्होंने कहा कि अमेरिका को चाहिए कि वह राष्ट्रीय आपूर्तिकर्ता समूह और यूएन में स्थाई सदस्यता के लिए भारत का समर्थन करे।

इस मौके पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत- अमेरिका सीईओ मंच को संबोधित करते हुए भारत में निवेश के बढ़ते अवसरों के बीच अमेरिकी कंपनियों से यहां निवेश बढाने का आह्वान किया। वाणिज्य मंत्रालय ने ट्वीटर पर एक संदेश में कहा, सीतारमण ने भारत अमेरिका सीईओ फोरम में अमेरिकी निवेशकों को मेक इन इंडिया में निवेश के लिए आमंत्रित किया। बैठक में भारत की ओर से शामिल शीर्ष उद्यमियों में सायरस मिस्त्री, सुनील भारती मित्तल, दीपक पारेख, कुमार मंगलम बिड़ला, चंदाकोचर, आनंद महिंद्रा और हरि एस भरतिया भी थे।

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