Home देश सामान्य पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में राम रहीम समेत 4 दोषी करार, सजा का ऐलान 17 जनवरी को

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में राम रहीम समेत 4 दोषी करार, सजा का ऐलान 17 जनवरी को

आउटलुक टीम - JAN 11 , 2019
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में राम रहीम समेत 4 दोषी करार, सजा का ऐलान 17 जनवरी को
गुरमीत राम रहीम से जुड़े एक और मामले में फैसला आज, 17 साल पहले हुई थी पत्रकार की हत्या
File Photo

17 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। जज जगदीप सिंह की कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम समेत चार लोगों को दोषी करार दिया गया। सजा का ऐलान 17 जनवरी को किया जाएगा। गुरमीत राम रहीम के साथ-साथ कोर्ट ने तीन अन्य किशन लाल, निर्मल और कुलदीप को भी दोषी करार दिया गया है। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। राम रहीम डेरा सच्चा सौदा की ही दो साध्वियों के साथ यौन शोषण के दोष में सुनारिया जेल में बंद है। अब पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी राम रहीम को कोर्ट ने मुजरिम पाया है। राम रहीम के अलावा मामले से जुड़े अन्य सभी आरोपियों की पेशी प्रत्यक्ष रूप से हुई। साध्वी यौन शोषण केस में जिस जज जगदीप सिंह ने राम रहीम के खिलाफ फैसला सुनाया था, उसी जज ने आज इस मर्डर केस में फैसला सुनाया। 

पेशी के मद्देनजर बढ़ाई गई कोर्ट परिसर और शहर की सुरक्षा

पुलिस और प्रशासन ने पेशी के मद्देनजर कोर्ट परिसर और शहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। ट्रैफिक पुलिस ने जहां माजरी चौक से लेकर बेला विस्ट तक रूट को डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। वहीं, सीबीआई कोर्ट के जज की सुरक्षा बढ़ाने के साथ अदालत परिसर में 240 जवानों को तैनात कर दिया गया। इसके साथ शहर के चार एंट्री प्वाइंट समेत 17 नाकों पर करीब 12 सौ सशस्त्र जवानों को तैनात किया गया था।

शहर में धारा 144 लागू

डीसीपी कमलदीप गोयल ने धारा-144 लागू कर शहर में एक साथ चार से पांच लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने आदेश का उल्लंघन करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट परिसर समेत शहर में नौ बटालियन अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। कोर्ट परिसर में वकील समेत निजी कार्य के लिए आने वाले लोगों को बिना चेकिंग के प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

बेटे ने कहा था, हमें भरोसा है इंसाफ मिलेगा

रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमने एक ताकतवर दुश्मन के खिलाफ इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी है। हमें उम्मीद है कि 17 साल बाद अब पिता की हत्या के मामले में इंसाफ मिलेगा। अंशुल छत्रपति ने कहा कि इस मामले में सीबीआई के वकीलों ने पूरे संजीदा तरीके से पैरवी की है। इस मामले की बहस पूरी हो चुकी है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या लाइसेंसी रिवाल्वर से की गई थी। रामचंद्र की हत्या दिनदहाड़े सिरसा में बीच सड़क पर की गई थी। दोनों आरोपितों कुलदीप और निर्मल को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। छत्रपति ने ही साध्वियों से दुष्कर्म के मामले का खुलासा किया था।

रामचंद्र के जरिए ही यौन शोषण मामला सामने आया था

साध्वी यौन शोषण मामले में जो लेटर लिखे गए थे। उन्हीं के आधार पर रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में खबरें प्रकाशित की थीं। आरोप है कि छत्रपति पर पहले दबाव बनाया गया। जब वे आरोपियों की धमकियों के आगे नहीं झुके तो 24 अक्टूबर 2002 को उन पर हमला कर दिया गया। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

छत्रपति हत्याकांड में ऐसे आया राम रहीम का नाम

मामला 16 साल पहले साल 2002 के मई महीने से शुरू हुआ, जब पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार पूरा सच में राम रहीम पर साध्वियों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों वाला गुमनान पत्र छापा था, जिससे डेरा प्रमुख राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा की बदनामी होने लगी। डेरे की बदनामी होने के कारण पत्रकार रामचंद्र को धमिकयां मिलनी शुरू हो गई, जिसके कुछ महीनों बाद ही 24 अक्टूबर 2002 को डेरे के लोगों ने रामचंद्र को उसके घर के बाहर बुलाकर उनपर गोलियां चलाई। इस हमले में रामचंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए, हालांकि मौके पर ही हमलावरों को पुलिस ने पकड़ लिया, जिनसे पूछताछ करने पर सामने आया कि हमलावर डेरे से जुड़े हुए थे।

वहीं रामचंद्र की मौत के बाद 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में जिसके बाद उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने मामले में सीबीआई से जांच की मांग के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की। नवंबर 2003 में हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की गई, एफआईआर में गुरमीत राम रहीम के साथ डेरा प्रेमी किशनलाल, निर्मल व कुलदीप आरोपी बनाए गए, जिनपर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा।

दिसंबर 2003 में इस केस की जांच शुरू हुई, हालांकि 2004 में डेरा सच्चा सौदा ने यह जांच रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा की याचिका खारिज कर दी और कहा कि जाँच तो सीबीआई ही करेगी। जिसके बाद से लगातार अब तक तक मामले में हुई सैकड़ों पेशी भुगतने के बाद आखिर आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है, जिसके बाद अब पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है।

सुनारिया जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है राम रहीम

रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड राम रहीम के जिन कारनामों को उजागर करने पर घटित हुआ, उसी कारनामों के मामले में राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वो मामला डेरा सच्चा सौदा की शरण में साध्वियों के रूप में आई युवतियों के यौन शोषण का है, जिसमें साध्वियों ने एक गुमनाम पत्र में राम रहीम पर यौन शोषण को आरोप लगाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री को लिखा था, जिसकी एक प्रति रामचंद्र ने अपने अखबार में छाप दी थी।

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