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बिहार: अगर भाजपा ने नहीं मानी बात तो ये कदम उठाएगी जदयू, होगा बड़ा झटका

आउटलुक टीम - SEP 15 , 2021
बिहार: अगर भाजपा ने नहीं मानी बात तो ये कदम उठाएगी जदयू, होगा बड़ा झटका
भाजपा से गठबंधन नहीं हुआ तो अपने दम पर इन राज्यों में चुनाव लड़ेगी जदयू
फाइल फोटो
आउटलुक टीम

जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बिहार के इस सत्तारूढ़ दल को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की कवायद शुरु कर दी है। राजीव रंजन ने साफ किया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश व मणिपुर में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। दोनों राज्यों में उसकी कोशिश भाजपा के साथ गठबंधन की होगी। अगर वह संभव नहीं हुआ तो अकेले ही चुनाव लड़ेगी। इस बीच पार्टी ने अन्य राज्यों में अपने संगठन को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में खीरू महतो को झारखंड का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद ललन सिंह ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश व मणिपुर के आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की पहली कोशिश एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के तहत उतरने की होगी, लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो वह उत्तर प्रदेश सहित सभी चुनावी राज्यों में अपने बूते चुनाव लड़ेगी। दोनों दलों का बिहार में गठबंधन है और इस सरकार के मुखिया जदयू के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। भाजपा ने अभी तक बिहार के बाहर जदयू के साथ गठबंधन में रुचि नहीं दिखाई है।

इस बीच जदयू उत्तर प्रदेश व मणिपुर में अपनी चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के लिए नवंबर में लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करेगा और इसके बाद इंफाल में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक की जाएगी। उत्तर प्रदेश व मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनाव में मजबूती से चुनाव लड़ जदयू राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का दर्जा हासिल करने का प्रयास करेगा। गत अगस्त महीने में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार ने पार्टी के सभी नेताओं से जदयू को राष्ट्रीय दल बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया था। वर्तमान में बिहार और अरुणाचल प्रदेश में उसे राज्य स्तरीय पार्टी की मान्यता प्राप्त है। अगर दो अन्य राज्यों में मान्यता मिल जाती है तो वह राष्ट्रीय पार्टी बन जाएगा। पूर्वोत्तर में संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी ने नॉर्थ ईस्ट एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन किया है।

जदयू की नजर झारखंड पर भी है। एक समय वहां पार्टी के सात-सात विधायक हुआ करते थे और उसका संगठन भी मजबूत था। अध्यक्ष बनने के बाद ललन सिंह ने झारखंड में भी संगठन को मजबूत करना आरंभ किया है। इस कड़ी में पूर्व विधायक खीरू महतो को पार्टी ने झारखंड प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही गुलाब महतो को प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण सिंह को झारखंड का प्रभारी नियुक्त किया है। गुलाब महतो को झारखंड में विस्थापितों को संगठित करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्वोत्तर में संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी ने नॉर्थ ईस्ट एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन किया है।

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