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राजनीति में उतरेंगे रजनीकांत, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने किया स्वागत

MAY 19 , 2017
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत जल्द ही राजनीति के पायदान पर कदम रख सकते हैं। इस तरह के संकेत कहीं और से नहीं बल्कि रजनी द्वारा अपने फैन्स को दिए जा रहे बयानों से साफ नजर आया। रजनी ने न सिर्फ राजनीति में ही आने की बात नहीं की बल्कि द्रमुक एवं अन्नाद्रमुक की बजाय किसी अन्य पक्ष के साथ गरीबों की राजनीति करने की बात कही।

पांच दिवसीय जिला स्तरीय फोटो सत्र के आखिरी दिन अपने प्रशंसकों के साथ फोटो खिंचवाते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक तेवर दिखाए। उन्होंने टिप्पणी की, जब युद्ध होगा तो देखा जाएगा। तब तक हमें धैर्य बनाए रखना चाहिए। यहां उनका युद्ध से आशय संभवत: चुनावों से है। राजनीति में उनकी एंट्री पर तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने खुशी जताते हुए कहा कि वो एक अच्छे इंसान हैं और यदि वो पॉलिटिक्स में आते हैं, तो उनका स्वागत है।

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कार्यक्रम के दौरान रजनीकांत ने कहा कि वह राजनीति के बारे में कुछ भी कहते हैं तो वह चर्चा का विषय बन जाता है। उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं चाहा कि मेरी राजनीतिक टिप्पणियां कोई विवाद पैदा करें। रजनी ने कहा कि कोई भी बगैर विपक्ष के खासकर राजनीति में बड़ा नहीं बन सकता। और राजनीति में विपक्ष एक पूंजी निवेश है। उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु में 2019 में लोकसभा के चुनाव होंगे और समझा जाता है कि उसी के अनुरूप रजनीकांत राजनीति में कदम रखेंगे।

तमिल फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा, तमिलों ने मुझे यह जीवन दिया है। क्या मुझे राजनीति में इसलिए नहीं आना चाहिए ताकि वे एक खुश और समृद्ध जीवन जी सकें। उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन को बेहतर राजनेता बताते हुए कहा कि वह एक कुशल प्रशासक भी हैं। यदि उन्हें आजादी दी जाए तो वे बेहतर काम कर पाएंगें।

रजनीकांत ने कोडंबक्कम में कहा, लोकसभा सांसद और पीएमके की युवा इकाई के नेता डा. अंबुमनी रामदास भी शिक्षित हैं और लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते रहते हैं। उन्होंने विश्व के विभिन्न इलाकों का भ्रमण भी किया है। थिरुमावलवन (वीसीके नेता) दलितों के अधिकार के लिए लड़ते रहते हैं जबकि अभिनेता-निर्देशक सेमन के जुझारू भाषणों ने मुझे प्रेरित किया।

रजनीकांत ने तमिलनाडु में चीजों को सही करने की वकालत करते हुए कहा,राज्य में राजनीतिक व्यवस्था अच्छी नहीं है। लोकतंत्र खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, बदलाव के लिए लोगों की मानसिकता में भी बदलाव होना चाहिए। तमिलनाडु में राजनीतिक बदलाव तभी होगा जब सभी एक साथ आगे आएंगे।

रजनी ने अंत में अपनी आलोचनाओं को जिक्र करते हुए कहा जिस प्रकार पौधे के लिए उर्वरक उसके आगे बढऩे में मददगार साबित होता है, इसी प्रकार जो हमारे खिलाफ बोलते हैं वे हमें आगे बढऩे में मदद करते हैं। उन्होंने कहा, मेरे पास व्यक्तिगत काम, कर्तव्य और जिम्मेदारियां हैं। आप भी अपने काम, परिवार और जिम्मेदारियों की देखभाल करने के लिए जिम्मेदार हैं।


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